नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय लोक अदालत लगने वाली है। ऐसे में अगर आपका ट्रैफिक चालान या फिर कोई अन्य मामला है तो इसे लोक अदालत में निपटाया जा सकता है। ये राष्ट्रीय लोक अदालत 10 जनवरी 2026 को 7 कोर्ट कॉम्पलैक्स में लगेगी। इनमें पटियाला हाउस, कड़कड़डूमा, तीस हजारी, साकेत, रोहिणी, द्वारका और राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्पलैक्स शामिल हैं।
दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मिलकर राष्ट्रीय लोक अदालत लगाने जा रही है। अगर आप भी ट्रैफिक चालान का निपटारा करवाना चाहते हैं तो ये अनिवार्य है कि नोटिस और चालान का प्रिंटआउट खुद लेकर जाएं। कोर्ट कॉम्पलैक्स में प्रिंट आउट निकालने की कोई सुविधा नहीं है।


राष्ट्रीय लोक अदालत क्या है?
राष्ट्रीय लोक अदालत एक अल्टरनेटिव अदालत है, जो लोगों की समस्याओं का जल्द निपटारा करवाने का एक बड़ा तंत्र है। इसे जनता की अदालत भी कहा जाता है। यह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत आयोजित की जाती है।
इसका मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करना है और लोगों के विवादों का तेज निपटारा करना है। इससे सभी वर्गों को आसानी से न्याय पहुंचता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में किन मामलों का होता है निपटारा?
राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित या मुकदमा पूर्व (प्री-लिटिगेशन) चरण के कंपाउंडेबल मामले जैसे मोटर दुर्घटना दावे, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, वैवाहिक मामले, संपत्ति विवाद, उपभोक्ता शिकायतें आदि इसमें आते हैं। गैर-कंपाउंडेबल अपराध या तलाक जैसे मामले इसमें नहीं आते।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की सहमति से होता है, यहां पर कोई कोर्ट फीस नहीं लगती। इसका मुख्य लाभ ये है कि इससे तेज न्याय, कम खर्च, अनौपचारिक वातावरण, और अदालती बैकलॉग कम होता है। इसलिए अगर आप भी जल्द न्याय पाना चाहते हैं तो लोक अदालत का रुख कर सकते हैं।