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दिल्ली शराब घोटाला केस: CM केजरीवाल की अर्जी पर HIgh Court में आज क्या-क्या हुआ, जानिए

 Reported By: Atul Bhatia, Edited By: Kajal Kumari
 Published : Apr 03, 2024 05:32 pm IST,  Updated : Apr 03, 2024 08:15 pm IST

दिल्ली शराब घोटाला मामले में जेल में बंद सीएम अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर बुधवार को हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। जानिए आज कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल Image Source : FILE PHOTO

दिल्ली शराब घोटाला मामले में फंसे सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के खिलाफ दी गई अर्जी पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली गई है और जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। संभवतः कल यानी गुरुवार को इसका फैसला सुनाया जा सकता है। आज कोर्ट में जहां ईडी की तरफ से एएसजी राजू ने अपनी दलील दी तो वहीं अरविंद केजरीवाल की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका जवाब दिया।

सिंघवी ने कहा कि ईडी ने यह नहीं बताया कि मेरी याचिका क्या है। यह धारा 19 पीएमएलए के तहत अवैध गिरफ्तारी को चुनौती का मामला है। गलत तरीके से तथ्य पेश करके मेरी याचिका को आधारहीन बनाना चाहते हैं। इसपर एएसजी राजू ने कहा कि कल अगर हमें लगेगा कि इसके लिए अन्य लोग भी जिम्मेदार हैं, तो हम उनपर भी कार्रवाई करेंगे।

जानिए आज कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

ASG राजू ने कहा- जब ऐसे प्रभावशाली लोग अपराध मे शामिल हों तो उनके खिलाफ सबूत जुटाना मुश्किल है, इसलिए कानून यह है कि जब ऐसे लोग शामिल हों तो सरकारी गवाहों पर भरोसा किया जा सकता है। संजय सिंह के मामले में हाईकोर्ट का आदेश अभी भी कायम है, जो उनकी अवैध गिरफ्तारी को लेकर दाखिल किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। संजय सिंह को केवल मेरे द्वारा दी गई रियायत के आधार पर जमानत पर रिहा किया गया है।

ईडी का जवाब सिंघवी ने दिया। कहा कि कोर्ट ने ईडी से पूछा इस मामले में मनी ट्रेल को लेकर आपके पास क्या सबूत है। ईडी हमारे पास हवाला आपरेटर के बयान भी है, हमारे पास व्हाट्सएप चैट है। हमारे पास पर्याप्त सबूत है। कोर्ट ने कहा कि हम फाइल देखना चाहते हैं। ईडी ने कहा कि हम आपको जिस-जिस मामले की जानकारी आप चाहती हैं वह सारे सबूत प्रोवाइड करेंगे।

ASG राजू ने कहा -हमने पाया है कि गोवा में AAP के चुनाव प्रचार के लिए रिश्वत का इस्तेमाल किया गया था। इसलिए आम आदमी पार्टी लाभार्थी है क्योंकि उसने पैसे का इस्तेमाल किया। यह तथ्य स्पष्ट है।

ASG राजू- इस मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों को जमानत न मिलने के कारण यही है कि उन्हे प्रथमदृष्टया मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का दोषी पाया गया है

ASG राजू- इसमें कोई विवाद नहीं है कि केजरीवाल को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश किया गया था और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर गिरफ्तारी के आधार भी बताए गए थे।गिरफ्तारी की सूचना उनकी पत्नी को भी दी गई थी।

राजू- मनी लॉन्ड्रिंग हुई है, कोर्ट ने संज्ञान भी लिया है, आरोपियों ने स्वीकार भी किया है.. लेकिन कुछ लोगों के बयानों के कुछ हिस्सों को आधार बनाकर केजरीवाल अपने बचाव की  कोशिश कर रहे हैं।

ईडी का कहना है कि केजरीवाल के मामले में जांच अभी शुरुआती चरण में है लेकिन इस तरह से तर्क दिए जा रहे हैं जैसे जांच पूरी हो गई हो और आरोपपत्र दाखिल हो गया हो।

ASG ने कहा: विजय नायर, कैलाश गहलोत के दफ़्तर से काम कर रहा था। गहलौत का घर/दफ़्तर सीएम के घर के ठीक बगल में था, इसलिए वह आसानी से उस घर में जा सकते था।

एएसजी राजू-जिन लोगों ने रिश्वत नहीं दी, उनसे लाइसेंस सरेंडर करने को कहा गया, ताकि रिश्वत देने वालों को सुविधा दी जा सके।

 ASG राजू-  इंडोस्पिरिट्स को ब्लैकलिस्ट किया गया था। इसलिए उसे लाइसेंस दिलाने के लिए फाइलें आगे बढ़ाई गईं। कार्टेलाइजेशन के आरोपों के बावजूद फर्म को थोक लाइसेंस दिया गया। शिकायतकर्ता को शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर किया गया।

राजू- ये कहते है कि पैसा नहीं मिला ये कैसी दलील है पैसा तो गोवा चुनाव में खर्च किया गया..ये कहते है कि अगर मैने कुछ किया तो मेरे घर से कुछ नहीं मिला लेकिन आपने तो किसी और को दे दिया तो कहां से मिलेगा आपके घर से।

राजू- यह दलील बेतुकी है कि मेरे पास पैसा ज़ब्त नहीं मिला। अगर आपने किसी और को दे दिया हो तो आपके घर पर कहां से मिलेगा? गोवा में खर्च दिया हो, विदेश भेज दिया हो, कहां से मिलेगा? लेकिन क्या इससे बेगुनाही हो गई आपकी। मनी लॉन्ड्रिंग का प्राथमिक सबूत काफी है। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं

ASG राजू -  ये सब चुनाव से बहुत पहले की बात है। अब वे कह रहे हैं कि चुनाव होने वाले हैं। शराब नीति में हेराफेरी करके मुनाफा कमाया गया और रिश्वत ली गई, यह बात बहुत पहले की है। चुनाव की बात सिर्फ़ दिखावे के लिए किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि ईडी अभी सक्रिय हुई है।

 राजू- अगर लाश न मिले तो क्या कत्ल का मुकदमा नहीं चलता? कई ऐसे मामलों में लोगों को सज़ा मिली है।

ASG राजू-  मान लीजिए कि कोई राजनीतिक व्यक्ति चुनाव से 2 दिन पहले हत्या कर देता है। क्या उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा? क्या उसकी गिरफ्तारी से बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचेगा? आप हत्या करते हैं और कहते हैं कि मुझे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे बुनियादी ढांचे का उल्लंघन होगा।

ASG राजू  केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से इसमें शामिल हैं।

 ASG राजू-  विचाराधीन कैदियों को यह कहने का कोई अधिकार नहीं है कि हम अपराध करेंगे और हमें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा क्योंकि चुनाव आ गए हैं। यह पूरी तरह से हास्यास्पद है। इससे अपराधियों को खुलेआम घूमने का लाइसेंस मिल जाएगा।

ASG राजू- अगर एक सामान्य आदमी ने कोई अपराध किया है तो उसे सलाखों के पीछे जाना ही होगा, लेकिन आप मुख्यमंत्री हैं इसलिए आपको गिरफ्तार नहीं किया जा सकता? आप देश को लूट लेंगे लेकिन कोई आपको छू नहीं सकता क्योंकि चुनाव आ रहे हैं? आप कहते हैं कि आपकी गिरफ्तारी बुनियादी ढांचे का उल्लंघन करेगी? यह किस तरह का बुनियादी ढांचा है?

ASG राजू -  एक आतंकवादी का मामला लीजिए जो एक राजनेता भी है। वह सेना के वाहन को उड़ा देता है और कहता है कि मैं चुनाव लड़ना चाहता हूं इसलिए आप मुझे छू नहीं सकते? यह किस तरह का तर्क है?

ASG राजू - गवाहों के  ऐसे बयान हैं जो दिखाते हैं कि शराब नीति के बनाने से लेकर उसके लागू करने तक बाहरी लोग शामिल थे।

केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में लंच के बाद सुनवाई शुरू...

ईडी की तरफ से ASG राजू ने कहा कि केजरीवाल ने याचिका गिरफ्तारी को रद्द करने की डाली.है .. लेकिन इनके वकील ने बहस जमानत की या मुकदमे को रद्द करने की बहस की

ईडी- अगर हम प्रॉपर्टी अटैच करेंगे तो ये कहेगे कि चुनाव है और हमें शामिल नहीं होने दे रहे है और नहीं करेंगे तो ये दलील देंगे कि क्या कुछ मिला.. कोई रिकवरी हुई ?

राजू- केजरीवाल ने पहले रिमांड आदेश को चुनौती दी है, जो 26 मार्च को हुई थी, आज 3 अप्रैल है। 28 मार्च को दूसरा रिमांड आदेश पारित किया गया। उसे चुनौती नहीं दी गई है। न्यायिक हिरासत के तीसरे रिमांड आदेश को चुनौती नहीं दी गई है। इसलिए आज उनकी हिरासत या गिरफ्तारी पहले रिमांड आदेश के अनुसार नहीं है, यह 1 अप्रैल के आदेश के अनुसार है जिसे चुनौती नहीं दी गई है।

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