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Delhi MCD Clash: दिल्ली MCD में क्यों भिड़ गए AAP-BJP पार्षद, 4 अहम प्वाइंट में समझें पूरा मामला

 Published : Jan 06, 2023 02:26 pm IST,  Updated : Jan 06, 2023 02:26 pm IST

दिल्ली में आज मेयर का चुनाव होना था। लेकिन इससे पहले कि पार्षदों का शपथ ग्रहण होता, दिल्ली का सिविक सेंटर अखाड़ा बन चुका था।

दिल्ली के सिविक सेंटर में भारी बवाल- India TV Hindi
दिल्ली के सिविक सेंटर में भारी बवाल Image Source : ANI

दिल्ली में आज मेयर का चुनाव होना था। लेकिन इससे पहले कि पार्षदों का शपथ ग्रहण होता, दिल्ली का सिविक सेंटर अखाड़ा बन चुका था। हंगामा इस हद तक बढ़ गया कि MCD का सदन स्थगित हो गया और मेयर के लिए वोटिंग नहीं हो पाई। बीजेपी और आप पार्षदों के बवाल के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के दौरान AAP-BJP पार्षदों के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई और नौबत मारपीट तक आ गई। मेयर चुनाव की वोटिंग के लिए अब नई तारीख तय होगी। इस पूरे बवाल की क्या वजह है, ये हम आपको समझाते हैं-

10 मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण का विरोध

दरअसल, ये हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब 10 मनोनीत पार्षदों को शपथ ग्रहण की तैयारी चल रही थी। AAP के पार्षदों ने इसके विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। आम आदमी पार्टी 10 पार्षदों को मनोनीत करने के एलजी के फैसले का विरोध कर रही थी। AAP का कहना है कि एलजी ने दिल्ली सरकार को नजरअंदाज कर 10 लोगों को पार्षद यानि कि एल्डरमैन मनोनीत किया है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी मनोनीत सदस्यों को वोटिंग का अधिकार देने की साज़िश कर रही है।

क्रॉस वोटिंग का दोनों पार्टियों को डर 
दिल्ली मेयर के लिए AAP उम्मीदवार शैली ओबेरॉय और बीजेपी की रेखा गुप्ता के बीच टक्कर है। जबकि डिप्टी मेयर के लिए AAP के आले मोहम्मद इकबाल और बीजेपी के कमल बागरी के बीच टक्कर है। नंबर के लिहाज से शैली ओबेरॉय का चुना जाना तय लग रहा है। लेकिन मेयर चुनाव में व्हिप लागू नहीं होगा। क्रॉस वोटिंग को लेकर दोनों पार्टियां सतर्कता बरत रही हैं। हालांकि आज भारी हंगामे के चलते वोटिंग की प्रक्रिया टाली गई है।

मनोनीत पार्षदों से भी मेयर चुनाव में वोट की साजिश!
आम आदमी पार्टी आरोप लगा रही है कि बीजेपी मनोनीत पार्षदों को भी मेयर चुनाव में वोट डलवाने की साजिश रच रही है। अगर वाकई मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार मिल जाता है तो क्या होगा? कांग्रेस के बायकॉट के बाद एमसीडी में कुल वोट की संख्या 265 और बहुमत का आंकड़ा 133 है। अभी जो नंबर गेम है, उसके मुताबिक बीजेपी के पास कुल 112 वोट हैं। लेकिन अगर इन दस मनोनीत पार्षदों को भी जोड़ दिया जाए तो बीजेपी के कुल वोट की संख्या 122 तक पहुंच जाएगी। ऐसे हालात में बीजेपी को बहुमत के लिए और 11 वोट की जरूरत पड़ेगी।

नंबर गेम में बीजेपी खा रही मात
दिल्ली एमसीडी में कुल सीटों की संख्या 250 है, लेकिन कुल वोट की संख्या 274 है। कांग्रेस ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वो वोटिंग का बहिष्कार करेगी। MCD चुनाव में कांग्रेस के 9 पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। अगर इन 9 पार्षदों को हटा दें तो एमसीडी में कुल वोट की संख्या 265 रह जाएगी। इस हिसाब से बहुमत का आंकड़ा 133 होगा। अब बीजेपी के कुल वोट की बात करें तो उसके 104 पार्षद चुनाव जीते हैं। इसके अलावा बीजेपी के एक विधायक और सात लोकसभा सांसदों को वोटिंग का अधिकार है। इन सभी को मिला दें तो बीजेपी के कुल वोट की संख्या 112 हो जाती है। इस हालात में भी बीजेपी बहुमत के आंकड़े से 21 दूर है।

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