राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने वालों आरोपियों को सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 2 पर एफआईआर दर्ज की हैं। एक कर्तव्यपथ थाने में दूसरी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
3 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
17 आरोपियों, जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को 3 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। साथ ही 5 आरोपियों को 2 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एक आरोपी को उम्र की जांच तक सेफ हाउस भेजा गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चिली पाउडर का भी किया इस्तेमाल
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर चिली पावडर का इस्तेमाल किया। क्या इनको नहीं पता था कि इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। यह लोग प्रदूषण पर प्रदर्शन करने आए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के वीडियो को कोर्ट में दिखाया है।
नक्सलियों के समर्थन में लगाए नारे
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी पूरी तैयारी के साथ आए थे। हमने चार बार इनको रोका था। इन लोगों ने नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन प्रदूषण पर था, इसमें नक्सलियों से जुड़े नारे क्यों लगाए जाने लगे।
हिरासत में लेने के बाद नक्सलियों के लिंक का चलेगा पता
इसके पहले पुलिस ने कहा था, 'जब हमको आरोपी प्रदर्शनकारियों की हिरासत मिलेगी, तभी नक्सलियों का लिंक पता लगेगा। आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की जाएगी। ऐसा नहीं है हिरासत में कोई मारपीट की जाएगी। ऐसा संभव ही नहीं है। मामले में जांच अभी शुरुआती दौर में है।'
जानिए क्या बोले आरोपियों के वकील?
आरोपियों के वकील ने कहा यह पढ़े लिखे बच्चे हैं। इन्होंने अपनी चेतना से प्रदूषण को जल, जंगल और जमीन से जोड़ा है। इनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है। आरोपियों के वकील ने कहा कि FIR में कहीं भी नक्सलवाद की बात नहीं की गई है।