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सिंघु बॉर्डर: दलित की हत्या के मामले से किसान मोर्चा ने झाड़ा पल्ला, जारी किया बयान

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 15, 2021 02:03 pm IST,  Updated : Oct 15, 2021 02:03 pm IST

संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि इस घटना के दोनों पक्षों (निहंग ग्रुप और मृत व्यक्ति) का संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कोई संबंध नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा मामले की पूरी जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे।

Samyukta Kisan Morcha- India TV Hindi
सिंघु बॉर्डर: दलित की हत्या के मामले से किसान मोर्चा ने झाड़ा पल्ला, जारी किया बयान Image Source : PTI (FILE PHOTO)

नई दिल्ली: शुक्रवार सुबह सिंघु बॉर्डर पर किसान धरना स्थल के पास एक दलित युवक की कथित तौर पर हुई हत्या से संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। इस पूरे मामले पर संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि इस घटना के दोनों पक्षों (निहंग ग्रुप और मृत व्यक्ति) का संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कोई संबंध नहीं है। संयुक्त किसान मोर्चा मामले की पूरी जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे।

किसान मोर्चा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "संयुक्त किसान मोर्चा के संज्ञान में आया है कि आज सुबह सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के एक व्यक्ति (लखबीर सिंह, पुत्र दर्शन सिंह, गांव चीमा कला, थाना सराय अमानत खान, जिला तरनतारन) का अंग भंग कर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना के लिए घटनास्थल के एक निहंग समूह/ग्रुप ने जिम्मेवारी ले ली है, और यह कहा है कि ऐसा उस व्यक्ति द्वारा सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी करने की कोशिश के कारण किया गया। खबर है कि यह मृतक उसी समूह/ग्रुप के साथ पिछले कुछ समय से था।

संयुक्त किसान मोर्चा ने की हत्या की निंदा

संयुक्त किसान मोर्चा इस नृशंस हत्या की निंदा करते हुए यह स्पष्ट कर देना चाहता है कि इस घटना के दोनों पक्षों, इस निहंग समूह/ग्रुप या मृतक व्यक्ति, का संयुक्त किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं है। हम किसी भी धार्मिक ग्रंथ या प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ हैं, लेकिन इस आधार पर किसी भी व्यक्ति या समूह को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। हम यह मांग करते हैं कि इस हत्या और बेअदबी के षड़यंत्र के आरोप की जांच कर दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाए। संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी कानून सम्मत कार्यवाही में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेगा। लोकतांत्रिक और शांतिमय तरीके से चला यह आंदोलन किसी भी हिंसा का विरोध करता है।"

'10 महीने से किसानों को बदनाम करने का प्रयास चल रहा है'

इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा के महासचिव हन्नान मौला ने एक बयान में कहा था, "10 महीने से किसानों को बदनाम करने का प्रयास चल रहा है, जो हमारा मोर्चा है उसके साथ इसका कोई संबंध नहीं है, मोर्चे के बाहर एक ग्रुप बैठा है जिसका मोर्चे के साथ कोई संबंध नहीं है उसी ने इस घटना को अंजाम दिया है। सरकार को जांच करनी चाहिए कि क्यों किया, किसने किया, सरकार के सामने सबकुछ है, किसान मोर्चा के साथ इसका कोई संबंध नहीं है। जिसने मारा वही बोल रहे हैं कि पंजाब से आया है वह चीमा गांव का लड़का है उसने बोला है कि 30 हजार रुपये देकर 15 लोगों को भेजा है यहां माहौल खराब करने के लिए।"

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