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'अगले 25 साल में NEP देश को नंबर 1 बना देगी, मातृभाषा में एजुकेशन मिलने से छात्रों की बढ़ेंगी ये क्षमताएं'

 Published : Dec 24, 2022 07:39 pm IST,  Updated : Dec 24, 2022 07:39 pm IST

केंद्रिय मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजादी से पहले के भारत में ब्रिटिश शिक्षा पॉलिसी के तहत रटकर पढ़ाई करना बुद्धिमत्ता की निशानी होती थी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति किसी छात्र की कला और संगीत आदि जैसी अंतर्निहित क्षमताओं को एक मंच प्रदान करने में मदद करेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(फाइल फोटो)- India TV Hindi
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(फाइल फोटो) Image Source : PTI

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत किसी छात्र को उसकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने से उसकी वैचारिक, तार्किक, विश्लेषण करने और शोध क्षमता बढ़ेगी। विजपुर में शेठ जी.सी.हाई स्कूल की 95वीं वर्षगांठ पर सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि तकनीकी, चिकित्सा और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के विषयों को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराने पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति अगले 25 साल में भारत को नंबर वन देश बना देगी। 

'पहले रटकर पढ़ाई करना बुद्धिमत्ता की निशानी होती थी'

केंद्रिय मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजादी से पहले के भारत में ब्रिटिश शिक्षा पॉलिसी के तहत रटकर पढ़ाई करना बुद्धिमत्ता की निशानी होती थी। उन्होंने कहा कि छात्रों में सोचने, शोध करने, तर्क करने, विश्लेषण करने, निर्णय लेने और समझने की शक्ति पैदा नहीं होती थी, जिससे समाज में काफी प्रॉबलम्स पैदा हो गईं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी में मातृभाषा पर जोर देने सहित मूलभूत परिवर्तन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा पॉलिस भारत को 25 साल में दुनिया में नंबर वन बना देगी। 

'उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम का मातृभाषा में अनुवाद किया जा रहा'

बीजेपी नेता अमित शाह ने कहा कि अगर कोई छात्र अपनी मातृभाषा में पढ़ता, बोलता और सोचता है, तो इससे उसकी सोचने की क्षमता, उसकी तर्क शक्ति, विश्लेषण की क्षमता और शोध की क्षमता स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा पॉलिसी का मकसद प्राइमरी व माध्यमिक स्तर पर जहां तक संभव हो छात्रों को उनकी मातृभाषा में शिक्षित करना है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि अगले दो, पांच, सात सालों में देश के सभी छात्रों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही तकनीकी, चिकित्सा और उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम का मातृभाषा में अनुवाद किया जा रहा है। 

'भोपाल में अनुवाद के बाद हिंदी में मेडिकल शिक्षा दी जा रही'

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भोपाल में पहले सेमेस्टर के पाठ्यक्रम के अनुवाद के बाद हिंदी में मेडिकल शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गुजराती, तेलुगु, उड़िया, पंजाबी और बांग्ला- इन सभी भाषाओं में उच्च और चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि वहां से भारत अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू करेगा। अमिस शाह ने कहा कि कोई व्यक्ति मूल सोच तभी रख पाता है, जब उसे उसका विषय मातृभाषा में पढ़ाया जाता है। 

'अंतर्निहित क्षमताओं को एक मंच देने में मदद करेगी NEP'

कंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति किसी छात्र की कला और संगीत आदि जैसी अंतर्निहित क्षमताओं को एक मंच प्रदान करने में मदद करेगी। गृह मंत्री ने कहा, “NEP ने व्यावसायिक और कौशल शिक्षा के लिए एक बड़ी भूमिका बनाई है। 10वीं कक्षा से पहले 50 प्रतिशत से अधिक छात्र व्यावसायिक शिक्षा से जुड़ जाएंगे और इससे उन्हें स्वरोजगार, सूक्ष्म और कुटीर उद्योग की ओर ले जाने में मदद मिलेगी।”

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