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यूपी के कई स्कूलों में पाए गए फर्जी शिक्षक, जाली डिग्री-सर्टिफिकेट के सहारे कर रहे थे नौकरी

 Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Mar 24, 2025 04:15 pm IST,  Updated : Mar 24, 2025 04:15 pm IST

यूपी में 16 शिक्षक फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रहे थे, अब डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है। कहा जा रहा कि अभी यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

Sitapur- India TV Hindi
प्रतिकात्मक फोटो Image Source : META AI

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कई स्कूलों में फर्जी दस्तावेज के सहारे कई शिक्षक सरकारी स्कूलों में तैनात थे, अब डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के दौरान यह बात उजागर हुई है। जिले में 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत सीतापुर में नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में 16 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग थाने में मुकदमा लिखाया है।

FIR की गई दर्ज

जानकारी दे दें कि पिछले वर्ष जिले में 1,100 शिक्षकों को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति मिली थी। इसमें से करीब 500 शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कराया गया है। फर्जी शिक्षकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। अभी 600 शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन की रिपोर्ट आनी शेष है। संबंधित विश्वविद्यालयों को भेजे गए मूल अभिलेखों की जांच में 16 शिक्षकों के शिक्षक पात्रता परीक्षा व डीएलएड के प्रमाणपत्र फर्जी निकले हैं। 

पिसावां के खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने प्राथमिक स्कूल बांसी के सहायक अध्यापक राहुल कुमार, प्राथमिक विद्यालय फखरपुर के अकबर शाह पर महोली कोतवाली में मुकदमा लिखाया है। वहीं, ढकिया कला के शिक्षक जितेंद्र कुमार पर पिसावां थाने में मुकदमा लिखाया गया है। मिश्रिख के खंड शिक्षा अधिकारी कपिल देव द्विवेदी ने प्राथमिक विद्यालय चौखड़िया के सहायक अध्यापक अरविंद कुमार के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। अन्य स्थानों पर भी केस दर्ज कराया जा रहा है।

अब होगी बर्खास्तगी

पूरे मामले को लेकर BSA अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि  जाली शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की कार्रवाई के बाद अब बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस प्रकरण में सभी 16 शिक्षकों को नोटिस भी जारी की थी, लेकिन यह शिक्षक अपना पक्ष रखने व शैक्षिक प्रमाण पत्र के मिलान के लिए उपस्थित नहीं हुए। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आगे उन्होंने कहा कि जैसे जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा तो फर्जी शिक्षकों का आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि अभी 600 शिक्षकों की सत्यापन रिपोर्ट आनी बाकी है। 

बता दें कि 8 वर्ष पूर्व भी एसटीएफ ने प्रदेश में फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने वालों की जांच की थी। इसमें जिले में 28 शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी करते मिले थे। इनको पूर्व में बर्खास्त किया जा चुका है।

(सीतापुर से मोहित मिश्रा की रिपोर्ट)

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