नई दिल्ली: जब वैश्विक ताकतें, डिप्लोमेसी की जगह बंदूक की भाषा बोलने लगें, तो संयुक्त राष्ट्र की नींद उड़ना तय है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन पर आपत्ति जताई है। संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक एक्स हैंडल से अमेरिका की आलोचना की गई। उन्होंने इसे देश की संप्रभुता, वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के लिए गंभीर खतरा बताया। संयुक्त राष्ट्र की तरफ से साफ मैसेज देते हुए कहा गया कि ताकत के बल पर राजनीति नहीं चलाई जा सकती।
अमेरिकी एक्शन को UN ने बताया गलत
संयुक्त राष्ट्र के ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया, 'वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य दखलअंदाजी, देश की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की नींव पर चोट है, जिससे हर देश कम सुरक्षित हो जाता है।'
क्षेत्रीय दावों के लिए फोर्स का इस्तेमाल नहीं- UN
साथ में जो फोटो शेयर किया गया है, उसमें लिखा है कि किसी भी देश को अपने क्षेत्रीय दावों या राजनीतिक डिमांड्स को पूरा करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
वेनेजुएला के लोग खुद तय करें अपना भविष्य
वहीं, संयुक्त राष्ट्र में ह्यूमन राइट्स के हाई कमिश्नर Volker Türk ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांत का उल्लंघन है: देशों को अपने क्षेत्रीय दावों या सियासी मांगों को पूरा करने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वेनेजुएला के समाज को इलाज की जरूरत है और देश का फ्यूचर उसके लोगों की तरफ से तय किया जाना चाहिए।'
मादुरो को जबरन अपने देश ले गया अमेरिका
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने बीते 3 जनवरी को वेनेजुएला में बड़ा ऑपरेशन करते हुए उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को पकड़ा और जबरन अपने वतन ले गए। अमेरिका की इस कार्रवाई की दुनियाभर में आलोचना हो रही है।
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