हेमा मालिनी चेन्नई, दिल्ली जैसे शहरों में पली-बढ़ीं और जब वह अभिनेत्री बनने के लिए मुंबई आईं, तो अपार्टमेंट में दिन गुजारे। मुंबई आकर हेमा मालिनी ने हीरोइन बनने से पहले खूब स्ट्रगल किया था। इतना ही नहीं हेमा मालिनी को एक भूतिया अपार्टमेंट भी रहना पड़ा था जहां बुरी आत्माएं रात में उनका गला दबाया करती थी। खास बात ये है हेमा मालिनी की मां भी इन किस्सों का गवाह रही हैं। राम कमल मुखर्जी की किताब 'हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल' में इन किस्सों का खुलासा हुआ है। इस किताब में अभिनेत्री ने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों को याद किया है, जिसमें एक बार एक भूतिया बंगले में रहने का किस्सा भी शामिल है। किताब में, हेमा मालिनी ने बताया कि कैसे उन्होंने अपनी हिंदी डेब्यू फिल्म 'सपनों का सौदागर' की शूटिंग के दौरान बांद्रा के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहना शुरू किया। इस फिल्म में राज कपूर भी मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म के बाद ही वह एक भूतिया बंगले में रहने लगीं। इस किताब में हेमा मालिनी ने अपने अनुभवों को याद करते हुए बताया, 'हर रात मुझे ऐसा लगता था जैसे कोई मेरा गला घोंटने की कोशिश कर रहा हो, मुझे सांस लेने में बहुत तकलीफ होती थी। मैं अपनी मां के साथ सोती थी और उन्होंने देखा कि मैं कितनी बेचैन रहती थी। अगर ऐसा सिर्फ एक-दो बार हुआ होता तो हम इसे नजरअंदाज कर देते, लेकिन यह हर रात होता था।
स्ट्रगल के दिनों को किया याद
हेमा ने राज कपूर के साथ अपनी हिंदी फिल्म 'सपनों का सौदागर' में काम करने के दौरान के एक पुराने दौर को भी याद किया। उस दौरान, वह बांद्रा के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहती थीं, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर भानु अथैया फिटिंग के लिए करते थे। बाद में वह एक बंगले में रहने लगीं, लेकिन वहां का अनुभव बेहद कष्टदायक रहा। इन घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित होकर उन्होंने शहर में एक स्थायी और आरामदायक ठिकाना बनाने का फैसला किया और मुंबई में अपना पहला अपार्टमेंट खरीदा। पीछे मुड़कर देखते हुए उन्होंने धर्मेंद्र की शुरुआती मुलाकातों को याद करते हुए कहा, 'मुझे याद है धर्म जी कॉफी पीने आते थे, लेकिन तब मुझे यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मुझे उनसे प्यार हो जाएगा और मैं उनसे शादी कर लूंगी।' उन्होंने 1972 में 'सीता और गीता' की शूटिंग के दौरान अपना पहला बंगला खरीदा। तब तक, वह और धर्मेंद्र अक्सर साथ काम कर चुके थे, और उनकी तरह ही उन्होंने भी जुहू को अपना घर चुना। उन्होंने कहा, 'वह एक गुजराती का पांच साल पुराना बंगला था। हमने बाद में उसमें अतिरिक्त कमरे बनवाए। मुझे वह घर बहुत पसंद था क्योंकि उसके चारों ओर बहुत सारे पेड़ थे।'
ये भी पढ़ें- अक्षय खन्ना के दोस्त वाले किरदार पर बोले अरशद वारसी तो टूट गया प्रियदर्शन का दिल, बोले- 'बहुत कोफ्त हुई'