सर्दियों में लोग जड़ वाली सब्जी मूली भारतीय घरों में बहुत ज़्यादा इस्तेमाल होती है। इसमें कैलोरी कम और एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C, फ़ाइबर और ज़रूरी पोषक तत्व ज़्यादा होते हैं। ये अपने ज़्यादा पानी की मात्रा के कारण हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करते हैं। हालांकि, कुछ लोग अपनी डाइट में मूली शामिल करने से हिचकिचाते हैं क्योंकि यह गैस और पेट फूलने जैसी पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि अपनी डाइट से मूली को हटा देना चाहिए। चलिए जानते हैं गैस होने पर भी मूली का इस्तेमाल कैसे करें?
गैस होने पर ऐसे करें मूली का इस्तेमाल?
मूली को स्टीम करने या हल्का भूनने से इसके फ़ाइबर नरम हो जाते हैं और इसका तेज़ स्वाद मीठे, मिट्टी जैसे स्वाद में बदल जाता है। यह खाना पकाने का तरीका उन कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स को तोड़ने में मदद करता है जो गैस का कारण बन सकते हैं।
इन तरीकों से भी कर सकते हैं मूली का सेवन
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मूली का सलाद: पतले कटे हुए मूली को खीरे और गाजर के साथ मिलाएँ। इस मिश्रण पर जैतून का तेल, नींबू का रस और शहद डालें। क्रंच के लिए ऊपर से तिल छिड़कें। मूली का सलाद बनाते समय, ताज़े अदरक के टुकड़े या थोड़ा नींबू का रस डालें। यह न केवल स्वाद बढ़ाएगा बल्कि आपके पाचन स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा।
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मूली और अदरक का सूप: मूली को छोटे टुकड़ों में काट लें और इसे अदरक, लहसुन और वेजिटेबल ब्रोथ के साथ मिलाएँ। सब कुछ नरम होने तक धीमी आंच पर पकाएँ। फिर इसे ब्लेंड करके पेट के लिए हल्का और गर्म सूप बना लें।
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भरवां पराठे: मूली को कद्दूकस करें और मसालों के साथ मिलाएँ। इस मिश्रण को गेहूं के पराठों में भरें। गर्म और स्वादिष्ट भोजन के लिए पराठों को तवे पर पकाएँ।
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भुनी हुई मूली: मूली को क्यूब्स में काट लें। क्यूब्स को जैतून के तेल, लहसुन के साथ टॉस करें। उन्हें सुनहरा होने तक भूनें। भूनने से स्वाद हल्का हो जाता है, जो उन लोगों को भी पसंद आ सकता है जिन्हें आमतौर पर मूली पसंद नहीं होती।
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मूली की स्मूदी: अगर आप कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो अपनी सुबह की स्मूदी में छिलके वाली मूली का एक छोटा टुकड़ा डालें। इसे हरी पत्तेदार सब्जियों, फलों और थोड़े से नट मिल्क के साथ ब्लेंड करें। यह एक ताज़ा, पोषक तत्वों से भरपूर ड्रिंक देगा
बिना किसी परेशानी के मूली का आनंद लेने के लिए। मूली की थोड़ी मात्रा से शुरू करें और ध्यान दें कि शरीर कैसे प्रतिक्रिया करता है। एक बार जब आपको पता चल जाए कि आप कितनी मात्रा पचा सकते हैं, तो आप धीरे-धीरे इसका सेवन बढ़ा सकते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)