विद्या बालन की गिनती बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों में होती है। उन्होंने 2005 में बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी, हालांकि इससे पहले उन्हें कई रिजेक्शन्स का भी सामना करना पड़ा। लेकिन, ये सब विद्या बालन को तोड़ नहीं पाया और वह ऑडिशन-ऑडिशन पर देती रहीं। अपनी डेब्यू फिल्म 'परिणीता' के लिए भी विद्या बालन को कई राउंड ऑडिशन देने पड़े थे, तब जाकर उनके हाथ ये फिल्म लगी थी। इसका खुलासा खुद विद्या बालन ने किया था और बताया था कि कैसे उन्हें इस फिल्म के लिए बार-बार ऑडिशन देने पड़े, तब जाकर उनके हाथ ये फिल्म लगी थी। लेकिन, क्या आप जानते हैं इस फिल्म के लिए विद्या बालन मेकर्स की पहली पसंद नहीं थीं। आज, 1 जनवरी को विद्या बालन का जन्मदिन है, इस मौके पर आपको उनकी डेब्यू फिल्म से जुड़ा किस्सा बताते हैं, जिसने अभिनेत्री को नए पंख दिए।
परिणीता के लिए पहली पसंद नहीं थीं विद्या बालन
विद्या बालन ने सालों पहले सिमी गरेवाल के साथ बातचीत में कहा था- 'मैं जब स्कूल में थी, तभी से एक्ट्रेस बनना चाहती थी। मैंने कभी किसी और बारे में नहीं सोचा, लेकिन क्योंकि मैं फिल्मी परिवार से नहीं थी इसलिए सोचा नहीं था कि फिल्में कर पाऊंगी। मगर जब मैंने थिएटर शुरू किया और फिर एड मिलने लगे और ऐसे ही एक विज्ञापन ने मुझे परिणीता दिलाई। मेरा प्रदीप सरकार के साथ एक वीडियो था, मैंने पहले भी उनके साथ काम किया था और इन्हीं में काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि मैं इससे भी बहुत कुछ कर सकती हूं। और तभी उन्हें लगा कि मैं 'परिणीता' में ललीता के किरदार के लिए परफेक्ट रहूंगी।'
विधु विनोद चोपड़ा इस सुंदरी को बनाना चाहते थे ललिता
इसी इंटरव्यू के दौरान विद्या बालन ने खुलासा किया था कि प्रदीप सरकार तो उन्हें अपनी फिल्म की हीरोइन बनाने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन विधु विनोद चोपड़ा के दिमाग में कोई और ही नाम था। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा- 'प्रदीप दादा के दिमाग में मैं ही ललीता थी, लेकिन मिस्टर चोपड़ा ये नहीं चाहते थे।' इसी बीच सिमी गरेवाल कहती हैं कि विधु विनोद चोपड़ा ऐश्वर्या राय को ललिता के किरदार में देखना चाहते थे, जवाब में विद्या कहती हैं- 'शायद, लेकिन फिर उन्होंने प्रदीप दादा से कहा कि अगर आप इतने श्योर हैं तो आप टेस्ट लीजिए और अगर आप ये साबित कर देते हैं कि यही ललिता के रोल के लिए परफेक्ट हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।'
टेस्ट पर टेस्ट देती रहीं विद्या बालन
विद्या बालन आगे अपनी जर्नी शेयर करते हुए कहती हैं- 'मैं टेस्ट पर टेस्ट देती रही, लेकिन मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि कहां गड़बड़ हो रही है। फिर लगा, शायद उन्हें मेरा चेहरा ही अच्छा नहीं लगा। मुझे पता ही नहीं था कि क्या चल रहा है। लेकिन, मुझे बहुत से लोग थे जो मुझे सपोर्ट कर रहे थे और मुझे याद है कैमरामैन विनोद प्रधान ने मुझसे कहा- ये सब भूल जाए, तुम हमेशा से कैमरा के सामने रही हो और तुम ये करना एंजॉय करती हो तो खुद को एंजॉय करो और उसी दिन मैंने टेस्ट दिया और विधु विनोद चोपड़ा ने कहा कि मुझे मेरी परिणीता मिल गई।'
कॉन्सर्ट एंजॉय करते-करते मिली गुड न्यूज
विद्या बताती हैं कि वह तब एनरीके इग्लेसियस के कॉन्सर्ट में थीं, जब उनकी दोस्त के फोन पर प्रदीप सरकार का फोन आया, क्योंकि उन्होंने अपना मोबाइल ऑफ कर रखा था। विद्या ने कहा- 'दादा ने मेरी दोस्त के नंबर पर कॉल किया, जिसने उनके साथ भी काम किया था और उससे पूछा- विद्या तुम्हारे साथ है? उसने जवाब दिया - हां, तो उन्होंने कहा - उसे फोन दो। जैसे ही मैंने फोन लिया तो दादा ने कहा, विधु विनोद चोपड़ा तुमसे बात करना चाहते हैं और उन्होंने कहा- मुझे तुमसे बात करनी है। तो मैंने कहा- तो मैं आपको बाद में कॉल करूं। तो उन्होंने कहा- नहीं, मुझे तुमसे अभी बात करनी है, तो मैं कॉन्सर्ट से बाहर भागी और उनसे इंतजार करवाने के लिए सॉरी कहा। उन्होंने जवाब में कहा- कोई बात नहीं विद्या बालन, तुम मेरी परिणीता हो अब।'
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