'नायक नहीं खलनायक हूं मैं' इस गाने और इसकी फिल्म ने संजय दत्त को शोहरत के खास मुकाम पर पहुंचाया है। फिल्म खलनायक का ये गाना संजय दत्त के जीवन में ऐसा मील का पत्थर साबित हुआ कि उन्हें सुपरस्टार बनने की राह पर ले गया। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस गाने को अपनी आवाज से सजाने वाले सिंगर विनोद राठौड़ ने भी खूब तारीफें बटोरी थीं। विनोद राठौड़ बॉलीवुड की संगीत की दुनिया का ऐसा नाम हैं जिन्होंने 320 से ज्यादा फिल्मों में 3500 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी है। गोविंदा से लेकर शाहरुख खान तक की आवाज बनने वाले विनोद राठौड़ को कभी वो शोहरत नहीं मिली जिसके वे हकदार थे। इतना ही नहीं विनोद राठौड़ की पत्नी ने भी आत्महत्या कर ली थी जिसने उन्हें गहरी निराशा में डाल दिया था।
विनोद राठौड़ का जन्म 12 सितंबर 1962 को एक संगीत घराने में हुआ था। विनोद के पिता पंडित चतुर्भुज राठौड़ भी एक शास्त्रीय संगीत के दिग्गज थे। विनोद ने अपने भाई रूप कुमार राठौड़ के साथ पिता से ही संगीत की शिक्षा लेनी शुरू की थी। इसके बाद विनोद ने अपने भाई के साथ फिल्मों में संगीत देने का सपना देखा और मुंबई आ गए। यहां शुरू हुआ संघर्ष और विनोद को फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' से अपने करियर की शुरुआत करने का मौका मिला। लेकिन विनोद को पहचान दिलाई शाहरुख खान स्टारर फिल्म दीवाना ने। इस फिल्म के गाने 'ऐसी दीवानगी देखी नहीं कहीं' ने उनकी आवाज को देश के गांव-गांव तक पहुंचा दिया। इसके बाद विनोद ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार फिल्मों में गाने गाते रहे। फिल्म बाजीगर में भी उन्होंने एक गाना गया 'ये मेरे हमसफर' जो सुपरहिट रहा।
विनोद राठौड़ ने संजय दत्त के करियर का सबसे पॉपुलर गाना गाया और ये फिल्म खलनायक। इस फिल्म का गाना न केवल सुपरहिट रहा बल्कि संजय दत्त को सुपरस्टार बना गया। इसके बाद विनोद ने 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' में भी गाना गाया और सुपरहिट रहे। अब तक अपने करियर में 320 से ज्यादा फिल्मों में अपने सुरों का समां बांध चुके हैं और 3500 से ज्यादा गानों में अपनी आवाज दी है।
विनोद राठौड़ संगीत की दुनिया में कई सुपरहिट गाने दे चुके हैं। इतना ही नहीं शक्तिमान के थीम गाने को भी विनोद राठौड़ ने ही अपनी आवाज दी थी जो आज भी लोगों के दिलों में बसा है। हालांकि अपनी आवाज से राज करने वाले विनोद राठौड़ को कभी वो शोहरत नहीं मिली जिसके वे हकदार थे और उनके समकालीन दूसरे सिंगर्स को मिली है। साथ ही विनोद राठौड़ की जिंदगी भी काफी उतार चढ़ाव से भरी रही है। कई साल पहले विनोद राठौड़ की पत्नी ने सुसाइड कर लिया था जिसके बाद वे काफी समय तक डिप्रेशन में रहे थे।
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