क्रिकेट का कोई भी फॉर्मेट हो हर खिलाड़ी के लिए शतक मायने रखता है और टेस्ट में जड़ा शतक तो उस क्रिकेटर के लिए बेहद ही खास होता है। टेस्ट क्रिकेट में कई बार ऐसा हुआ कि किसी क्रिकेटर ने टेस्ट की दोनों ही पारियों में शतक जड़ा हो। वहीं, दूसरी तरफ कई खिलाड़ी टेस्ट की दोनों पारियों में 'डक' पर भी आउट हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसे क्रिकेटर भी हुए है जो अपने टेस्ट करियर में कभी भी 'डक' यानी जीरो पर आउट नहीं हुए। आइए जानते हैं से ही कुछ क्रिकेटरों के बारे में जो 35 या उससे ज्यादा टेस्ट पारियां खेलते हुए कभी भी बिना खाता खोले पवेलियन नहीं लौटे।
जिम्बाब्वे के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर डेव हॉटन ने 1992 से 1997 के बीच 22 टेस्ट मैचों की 36 पारियों में 43 की औसत से 1464 रन बनाए जिसमें 4 शतक और इतने अर्धशतक शामिल हैं। हैरानी की बात ये रही कि डेव अपने पूरे टेस्ट करियर में कभी भी डक पर आउट नहीं हुए।
ब्रिटिश गुयाना में जन्मे रॉबर्ट क्रिश्तियानी ने वेस्टइंडीज की ओर से 22 टेस्ट की 37 पारियों में 26.35 की औसत से 896 रन जड़े और अपने पूरे करियर में कभी बिना खाता खोले पवेलियन नहीं लौटे।
आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस लिस्ट में एक भारतीय खिलाड़ी भी शामिल हैं। ये खिलाड़ी हैं पूर्व भारतीय क्रिकेटर बृजेश पटेल जिन्होंने अपने पूरे करियर में कुल 21 टेस्ट की 38 पारियों में 972 रन बनाए हैं। इस दौरान वह कभी भी जीरो पर आउट नहीं हुए।
ऑस्ट्रेलिया के रेगी डफ ने 22 टेस्ट की 40 पारियों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया जिसमें उन्होंने 35 की औसत से 1317 रन बनाए और कभी भी डक पर आउट नहीं हुए।
ऑस्ट्रेलिया के ही जिम बर्के ने साल 1951 से 1959 के बीच कुल 24 टेस्ट मैच खेले। बर्के ने अपने पूरे करियर में 44 पारियों में 1280 रन बनाए और पूरे करियर में कभी भी जीरो पर आउट नहीं हुए। इस दौरान वह 7 बार नाबाद भी लौटे।
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