टी-20 क्रिकेट के इस दौर में भी दुनिया के कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो टेस्ट फॉर्मेट को इस खेल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। भारत के विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे दिग्गजों का मानना है टेस्ट क्रिकेट में ही खिलाड़ियों की असली परीक्षा होती है।
यही वजह है कि भारतीय टीम भी हमेशा से टेस्ट क्रिकेट को गंभीरता से लेती आ रही है और वह मौजूदा समय में आईसीसी रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं। भारतीय टीम की इस सफलता के पीछे मौजूदा और पहले के खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा है। खासतौर से गेंदबाजों का जिन्होंने इस फॉर्मेट में अपना पड़चम लहराया है। ऐसे में आइए जानते हैं तीन ऐसे भारतीय गेंदबाजों के बारे में जिन्होंने पांच दिनी क्रिकेट में सबसे अधिक सफलता हासिल की है।
इस लिस्ट में तीसरे नबंर पर हैं टर्बनेटर कहे जाने वाले हरभजन सिंह। हरभजन भारत के लिए साल 1998 में अपना डेब्यू किया था। हालांकि वह 2015 के बाद से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं लेकिन इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने के मामले में वह तीसरे नबंर पर हैं। हरभजन ने भारत के लिए कुल 103 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 2.84 की इकॉनमी रेट से कुल 417 विकेट हासिल किए हैं।
वहीं टेस्ट क्रिकेट के में सबसे अधिक विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज हैं टीम इंडिया को पहला विश्व कप जीताने वाले कप्तान कपिल देव। कपिल देव कुल 131 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किए, जिसमें उन्होंने 2.78 की इकॉनमी रेट से 434 विकेट हासिल किए।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने भारतीय गेंदबाज के रूप में पहले स्थान पर आते हैं अनिल कुंबले। अनिल कुंबले इकलौते भारतीय गेंदबाज हैं जो 500 से अधिक विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं। कुंबले भारत के लिए 132 टेस्ट मैचों में 2.69 की इकॉनमी रेट से कुल 615 विकेट लेकर पहले स्थान पर काबिज हैं।