द्वारका (गुजरात): पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के एक प्राचीन महादेव मंदिर से चुराया गया शिवलिंग बरामद कर लिया है। पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि आरोपियों ने 25 फरवरी को शिवलिंग चुराया था और साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे के पास अपने घर में इस विश्वास के साथ स्थापित कर दिया था कि इससे समृद्धि आएगी। इसने कहा कि आरोपियों की पहचान जगतसिंह मकवाना, मनोज मकवाना, महेंद्र मकवाना और वनराजसिंह मकवाना के रूप में हुई है।
पुलिस ने खुफिया जानकारी और तकनीकी जानकारी की मदद से उनका पता लगाने में कामयाबी हासिल की। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और श्वान दस्ते के साथ स्थानीय अपराध शाखा, विशेष अभियान समूह और स्थानीय पुलिस की अलग-अलग टीम गठित की गईं।
जब सच्चाई सामने आई, तो मामला चौंकाने वाला निकला। दरअसल, द्वारका से 500 किमी दूर साबरकांठा के हिम्मतनगर में रहने वाले महेंद्र मकवाना की भतीजी को एक सपना आया था। सपने में उसे शिवलिंग घर में स्थापित करने से परिवार की प्रगति का संकेत मिला, जिसके बाद परिवार ने मंदिर से शिवलिंग चोरी करने का प्लान बनाया। अंजाम देने के लिए परिवार के कुछ सदस्य कई दिनों पहले द्वारका पहुंचे और मंदिर की रेकी की। फिर मौका मिलते ही उन्होंने शिवलिंग चोरी कर अपने घर में स्थापित कर दिया।
बता दें कि यह घटना मंगलवार को हुई थी। भीड़भंजन भवनेश्वर महादेव मंदिर देवभूमि द्वारका जिले में अरब सागर के किनारे कल्याणपुर में बसा हुआ है। यह काफी प्राचीन मंदिर बताया जाता है। पुलिस के मुताबिक, रोज की तरह पुजारी ने जब पूजा के लिए मंदिर का दरवाजा खोला, तो वह अंदर का नजारा देख वह हैरान रह गया। पुजारी ने जैसे ही दरवाजा खोला तो पाया कि शिवलिंग अपनी जगह से गायब है, इसके बाद पुजारी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। चोरी किया गया शिवलिंग भी पुलिस को घर से मिल गया है। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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