Plant Based Meat: क्या होता है 'शाकाहारी मांस', आपकी सेहत के लिए कितना अच्छा? जानें सभी सवालों के जवाब

Plant Based Meat: प्लांट बेस्ड प्रोटीन, या "नकली मांस" की लोकप्रियता हाल के सालों में बढ़ी है क्योंकि लोग अब जानवरों के मांस से बनने वाले प्रोडक्ट कम खाना चाहते हैं।

Swayam Prakash Edited By: Swayam Prakash @@SwayamNiranjan
Updated on: August 16, 2022 16:26 IST
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Highlights

  • प्लांट बेस्ड प्रोटीन का तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता
  • ऑस्ट्रेलिया में 3 अरब डॉलर के कारोबार का अनुमान
  • प्लांट बेस्ड प्रोटीन और सेल बेस्ड प्रोटीन का समझें फर्क

Plant Based Meat: प्लांट बेस्ड प्रोटीन, या "नकली मांस" की लोकप्रियता हाल के सालों में बढ़ी है क्योंकि लोग अब जानवरों के मांस से बनने वाले प्रोडक्ट कम खाना चाहते हैं। वास्तव में, 2030 तक प्लांट बेस्ड प्रोटीन का ऑस्ट्रेलिया में तीन अरब डॉलर का कारोबार होने का अनुमान है। कई कन्ज्यूमर मानते हैं कि ये नकली मीट उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बेहतर हैं, लेकिन क्या यह सही है? नकली मांस क्या है? नाम से यह मांस लग सकता है, लेकिन पहली बात यह है कि यह नकली मांस नहीं है। इन उत्पादों को मांस के रूप में मार्केट करने की मांस इंडस्ट्री ने आलोचना भी की है। जिसके बाद हाल ही में सीनेट समिति की रिपोर्ट में इनपर प्लांट बेस्ड प्रोडक्ट की लेबलिंग की अनिवार्यता की सिफारिश की गई है। 

प्लांट बेस्ड और सेल बेस्ड प्रोटीन को समझिए

नकली मांस दो कैटेगरी में आते हैं: पौधे आधारित प्रोटीन और कोशिका आधारित प्रोटीन। सुपरमार्केट में मिलने वाले पौधे-आधारित बर्गर और सॉसेज पौधों के खाद्य पदार्थों, अक्सर मटर, सोया, गेहूं प्रोटीन और मशरूम से प्रोटीन निकालकर बनाए जाते हैं। लेकिन इन उत्पादों को पारंपरिक मांस की तरह दिखने और स्वाद के लिए काफी मात्रा में एडिटिव्स की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, मांस के नरम और रसदार बनावट की नकल करने में मदद करने के लिए रासायनिक रूप से परिष्कृत नारियल तेल और ताड़ के तेल को अक्सर पौधे-आधारित बर्गर में जोड़ा जाता है। बीटरूट के अर्क जैसे रंग एजेंटों का उपयोग बियॉन्ड मीट के "कच्चे" बर्गर में किया गया है, जो मांस पकाए जाने पर होने वाले रंग परिवर्तन की नकल करता है। 

ऑस्ट्रेलिया के सुपरमार्केट में अभी तक जो प्रोडक्ट उपलब्ध नहीं है वह कोशिका आधारित या ‘‘कल्चर्ड’’ मांस है। यह नकली मांस एक पशु कोशिका से बनाया जाता है जिसे बाद में मांस का एक टुकड़ा बनाने के लिए एक प्रयोगशाला में उगाया जाता है। हालांकि यह एक दूर की कौड़ी जैसा लग सकता है, पर ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही दो कोशिका-आधारित मांस उत्पादक हैं। 

क्या नकली मांस सेहत के लिए अच्छा है? 
ऑस्ट्रेलियाई सुपरमार्केट में उपलब्ध 130 से ज्यादा उत्पादों के ऑडिट में पाया गया कि पौधे आधारित उत्पादों में औसतन कैलोरी और सैचुरेटिड फैट कम था, और मांस उत्पादों की तुलना में उनमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर ज्यादा था। लेकिन, सभी प्लांट बेस्ड प्रोटीन समान नहीं बनाए जाते हैं। वास्तव में, इन प्रोडक्ट्स के बीच पोषण सामग्री (न्यूट्रीशनल वेल्यू) में काफी अंतर हैं। उदाहरण के लिए, इस ऑडिट में प्लांट-आधारित बर्गर की सैचुरेटिड फैट वेल्यू 0.2 से 8.5 ग्राम प्रति 100 ग्राम तक थी, जिसका मतलब है कि कुछ पौधे-आधारित उत्पादों में वास्तव में बीफ़ पैटी की तुलना में अधिक सैचुरेटिड फैट होता है।

सवाल यह है कि क्या पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों के लिए पशु-आधारित खाद्य पदार्थों की अदला-बदली करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है? 36 अमेरिकी वयस्कों के आठ सप्ताह के परीक्षण ने इसकी जांच की, और शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक पौधे-आधारित उत्पादों के सेवन से (जबकि अन्य सभी खाद्य पदार्थों और पेय को समान रखते हुए) कोलेस्ट्रॉल के स्तर और शरीर के वजन सहित हृदय रोग के जोखिम वाले कारकों में सुधार हुआ।

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