क्या आप बीमार, थके-थके और तनाव में रहते हैं? अपनाएं स्वामी रामदेव के बताए गए ये योग हो जाएंगे तंदरुस्त
क्या आप बीमार, थके-थके और तनाव में रहते हैं? अपनाएं स्वामी रामदेव के बताए गए ये योग हो जाएंगे तंदरुस्त
Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Aug 12, 2020 09:23 am IST,
Updated : Aug 12, 2020 10:10 am IST
जन्माष्टमी पर स्वामी रामदेव ने श्री कृष्ण के उन योगों के बारे में बताया जिसके जिंदगी की तमाम उलझनों को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
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क्या आप बीमार, थके-थके और तनाव में रहते हैं? अपनाएं स्वामी रामदेव के बताए गए ये योग हो जाएंगे तंदरुस्त
दफ्तर हो या फिर घर हो काम से ज्यादा हम लोग इस बात से परेशान रहते हैं कि इसमें हमारा फायदा क्या है। कई बार शिकायत भी होती है कि काम तो कर रहे हैं लेकिन इसका फायदा नहीं मिल रहा। फायदे के इस गणित में हम लोग इस तरह उलझ जाते हैं कि इसका असर हमारे शरीर पर पड़ने लगता है। कई तरह की बीमारियां अपनी गिरफ्त में रहती है।
जीवन में निरोग रहना बहुत जरूरी है। ये बिना लाइफमैनेजमेंट के संभव नहीं। चाहे रोजाना योगाभ्यास हो, काम निभाने की जिम्मेदारी की बात हो या फिर काम के बाद रिजल्ट की फिक्र या फिर अपने गुस्से को मैनेज करना हो। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण से बेहतर गुरू कौन हो सकता है। जन्माष्टमी पर स्वामी रामदेव ने श्री कृष्ण के उन योगों के बारे में बताया जिसके जिंदगी की तमाम उलझनों को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
सक्सेस मंत्र
अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएं
अपने गुस्से पर कंट्रोल करना सीखें
खुद का मूल्यांकन और पहचाने अपनी ताकत
मु्श्किल से निपटने के लिए बनाएं स्ट्रेटजी
मुश्किल में हमेशा अपनों का साथ दें
व्यवहार कुशल बनें, ईमानदार रहें
कपालभाति
रोजाना सुबह शाम कपालभाति करने से हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को दूर किया जा सकता है।
मन को शांत रखता है।
थायराइड की समस्या से निजात दिलाता है।
सिगरेट की लत से छुड़ाने में मददगार है कपालभाति।
जिन लोगों को सिगरेट पीने की लत हो जाती है तो उनके फेफड़े ब्लॉक हो जाते हैं। कपालभाति की मदद से फेफड़े की ब्लॉकेज को सही कर सकता है।
कपालभाति से क्रॉनिक लिवर, क्रॉनिक किडनी और फैटी लिवर की समस्या दूर होती है।
हैपेटाइटिस की समस्या को भी कपालभाति दूर करने में मददगार है।
अनुलोम विलोम
तनाव को कम करता है।
कफ से संबंधित समस्या को दूर करता है।
मन को शांत करता है जिससे एकाग्रता बढ़ती है।
दिल को स्वस्थ रखता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है।
भस्त्रिका
इस प्राणायाम को रोजाना करने से हाइपरटेंशन, अस्थमा, हार्ट संबंधी बीमारी, टीवी, ट्यूमर, बीपी, लिवर सिरोसिस, साइनस, किसी भी तरह की एनर्जी और फेफड़ों के लिए अच्छा माना जाता है।
भस्त्रिका करने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ जाता है। जिसके कारण कैंसर की कोशिकाएं मर जाती हैं।
उज्जायी
मन शांत रहता है, अस्थमा, टीबी, माइग्रेम, अनिद्रा आदि समस्याओं से दिलाएं निजात।
भ्रामरी
इस आसन को करने से तनाव से मुक्ति के साथ मन शांत रहेगा।
उद्गीथ
इस प्राणायाम को करने से पित्त रोग, धातु रोग, उच्च रक्तताप जैसे रोगो से निजात मिलता है।
शीतली
इस आसन को करने से मन शांत होगा, तनाव, हाइपरटेंशन के साथ-साथ एसिडिटी से निजात मिलेगा।
शीतकारी
इस आसन को करने से तनाव, हाइपरटेंशन से निजात मिलता है। इसके साथ ही अधिक मात्रा में ऑक्सीजन अंदर जाती है।