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जंतर-मंतर मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर 153A के तहत दर्ज हुआ केस

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 10, 2021 07:28 pm IST,  Updated : Aug 10, 2021 07:28 pm IST

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम विरोधी नारेबाजी से संबंधी एक वीडियो के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने अधिवक्ता और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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जंतर-मंतर मामले में पुलिस ने आरोपियों पर DDMA की धारा 188 भी लगाई है। Image Source : TWITTER.COM/ASHWINIUPADHYAY

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम विरोधी नारेबाजी से संबंधी एक वीडियो के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने अधिवक्ता और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 153ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही पुलिस ने आरोपियों पर DDMA की धारा 188 भी लगाई है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अदालत से अश्विनी उपाध्याय सहित अन्य 4 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया है। वहीं, पुलिस ने साफ किाय है कि वह विनीत और दीपक सिंह की 3 दिन की हिरासत चाहती है।

रविवार को जंतर-मंतर पर हुआ था विरोध प्रदर्शन

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) दीपक यादव ने कहा, ‘बैंक ऑफ बड़ौदा के पास आयोजित एक कार्यक्रम में भड़काऊ नारेबाजी करने के मामले में कनॉट प्लेस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के सिलसिले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान अश्विनी उपाध्याय, प्रीत सिंह, दीपक सिंह, दीपक कुमार, विनोद कुमार और विनीत बाजपेई के तौर पर हुई है।’ आरोपियों जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम विरोधी नारे लगाने संबंधी एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को इस संबंध में मामला दर्ज किया था।

‘हमें पता नहीं कि वीडियो में कौन है’
‘भारत जोड़ो आंदोलन’ की ओर से रविवार को जंतर मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ की प्रवक्ता शिप्रा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शन उपाध्याय के नेतृत्व में हुआ था। हालांकि उन्होंने मुस्लिम विरोधी नारे लगाने वालों से किसी प्रकार के संबंध से इनकार किया है। श्रीवास्तव ने कहा, ‘औपनिवेशिक कानूनों के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान 222 ब्रिटिश कानूनों को खत्म करने की मांग की गई थी। हमने वीडियो देखा है लेकिन यह नहीं पता कि वे कौन हैं। नारे लगाने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करे।’

‘मैंने उन लोगों को कभी नहीं देखा है’
उपाध्याय ने भी मुस्लिम विरोधी नारेबाजी की घटना में शामिल होने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने वीडियो की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को शिकायत सौंपी है। अगर वीडियो प्रामाणिक है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मुझे नहीं पता कि वे कौन हैं। मैंने उन्हें कभी नहीं देखा, न ही मैं उनसे कभी मिला हूं और न ही उन्हें वहां बुलाया था। जब तक मैं वहां था, वे वहां नजर नहीं आए। अगर वीडियो फर्जी है, तो ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ को बदनाम करने के लिए यह दुष्प्रचार किया जा रहा है।’

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