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कांग्रेस ने JNU हिंसा के तथ्यों की जांच के लिए बनाई समिति, एक सप्ताह में सोनिया गांधी को सोंपेगी रिपोर्ट

कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा की घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जो एक सप्ताह के भीतर प़ार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Jan 06, 2020 07:15 pm IST, Updated : Jan 06, 2020 07:15 pm IST
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी- India TV Hindi
Image Source : PTI कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा की घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जो एक सप्ताह के भीतर प़ार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष ने जिस तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, उसमें महिला कांग्रेस की प्रमुख सुष्मिता देव, लोकसभा सदस्य हिबी इडेन, राज्यसभा सदस्य सैयद नासिर हुसैन और एनएसयूआई की पूर्व अध्यक्ष अमृता धवन शामिल हैं। 

JNU में क्या हुआ?

गौरतलब है कि जेएनयू परिसर में रविवार रात उस वक्त हिंसा भड़क गयी थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 34 लोग घायल हुए थे। वाम नियंत्रित जेएनयूएसयू और आरएसएस से संबद्ध एबीवीपी इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

JNU के गेट पर 700 पुलिसकर्मी तैनात

जेएनयू परिसर में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले के एक दिन बाद सोमवार को विश्वविद्यालय के द्वार के बाहर करीब 700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि 'कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिये पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया है।' अभी तक मामले में कुल चार FIR दर्ज की जा चुकी है। तीन FIR पहले ही दर्ज हो चुकी थीं, अब यह नई और चौथी FIR सर्वर डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में सर्वर तोड़ने के मामले में हुई है।

हिंसा के घायलों को AIIMS से छुट्टी

जेएनयू में हिंसा के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती करवाए गए 34 लोगों को सोमवार को छुट्टी मिल गई। एम्स के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया, ‘‘जेएनयू में हिंसा के बाद 34 लोगों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया था। घायलों में से चार के सिर में चोट लगी थी। उन्हें सोमवार को छुट्टी दी गई।’’

कांग्रेस का सरकार पर हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “हमारे देश को नियंत्रित कर रही फासीवादी ताकतें” बहादुर बच्चों की आवाज से डरती हैं लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी ने घटना में “टुकड़े टुकड़े गिरोह” की भूमिका की जांच करने की मांग की। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने रविवार को कहा कि जेएनयू के छात्रावासों में नकाबपोश लोगों के घुसने और छात्रों पर हमले करने का सीधा प्रसारण टीवी पर देखना भयावह था और ऐसा केवल सरकार की मदद से ही हो सकता है। 

TMC और AAP ने भी दी प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में शिक्षकों और छात्रों पर हुए हमले को भाजपा की ‘फासीवादी सर्जिकल स्ट्राइक’ बताया। वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘मैं जेएनयू में हिंसा के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। छात्रों पर जघन्य तरीके से हमला किया गया। पुलिस को हिंसा तत्काल रोकनी चाहिए और शांति बहाल करनी चाहिए। अगर हमारे छात्र विश्वविद्यालय परिसर के अंदर सुरक्षित नहीं रहेंगे तो देश कैसे प्रगति करेगा।’’

(इनपुट- भाषा)

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