नई दिल्ली: दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित रीगल सिनेमा 30 मार्च को बंद होने के बाद एक और ऐतिहासिक सिनेमाघर बंद हो गया। बाहुबली-2 के राइट्स नहीं मिलने के बाद पहले से नुकसान झेल रहा ऐतिहासिक शीला सिनेमा बंद हो गया। पहाड़गंज स्थित शीला सिनेमा ने 56 साल कई फिल्मों का गवाह रहने के बाद शुक्रवार को हमेशा के लिए पर्दा गिरा दिया गया।(आजम खान ने दी UN जाने की धमकी, कहा- दुनिया को चेहरा भी नहीं दिखा पाएंगे मोदी)
शीला सिनेमा के मालिक उदय कौशिक ने बताया कि नुकसान के चलते इस सिनेमा हॉल का रख-रखाव करना मुश्किल हो गया था। जिसे सिर्प बाहुबली-2 ही दूबारा से ठीक कर सकती है। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। जिसके चलते हमें थियेटर बंद करना पड़ा।
बनने में लगा था 15 साल
आपको बता दे कि शीला सिनेमा थियेटर दूसरे वर्ल्ड वॉर से पहले उस समय बनना शुरु हुआ था। जब भारत में अंग्रेजो का शासन था। जिसे बनाने में पूरे 15 साल लगे थे।
इस कारण लगा इतना समय
साल 1937 में दिल्ली के नामी कारोबारी डीसी कौशिश ने करीब पांच हजार स्क्वेयर फुट प्लॉट खरीदने के कुछ अर्से बाद यहां सिनेमा कॉम्प्लेक्स बनाना शुरू किया। हॉल बन ही रहा था कि इसी दौरान दूसरा विश्व युद्ध शुरू हो गया। नतीजन सिनेमा बनाने के लिए डीसी कौशिस को एक-एक ईंट और हर सामान खरीदने के लिए अंग्रेज सरकार से इजाजत लेनी पड़ती थी। यही वजह रही कि इस सिनेमाघर को बनने में लंबा समय लगा।
साल 1961 में हॉलिवुड फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ शुरु हुआ था ये सिनेमाघर
12 जनवरी 1961 को हॉलिवुड मूवी सॉलमन ऐंड शीबा की स्क्रीनिंग के साथ शुरू हुए इस सिनेमाघर में एस एस राजामौली की नई फिल्म बाहुबली 2 किन्हीं कारणों से प्रदर्शित नहीं हो सकी। जिसके कारण इसे बंद करना पड़ा।
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