1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 30 हजार किसान पहुंचे मुंबई, कर्ज माफी की मांग को लेकर कल करेंगे महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव

30 हजार किसान पहुंचे मुंबई, कर्ज माफी की मांग को लेकर कल करेंगे महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 11, 2018 07:18 pm IST,  Updated : Mar 11, 2018 07:18 pm IST

किसानों ने उचित मुआवजे और ऋण माफी की मांग को लेकर 12 मार्च को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने को योजना बनाई है...

maharashtra farmers protest- India TV Hindi
maharashtra farmers protest

मुंबई: महाराष्ट्र में हक की आवाज बुलंद करने के लिए सड़क पर किसानों का सैलाब उतर आया हैं। नासिक से निकला आक्रोशित हजारों किसानों का मोर्चा रविवार को मुंबई पहुच गया। सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा घेरने की योजना है।

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार की कृषि संकट से निपटने में विफलता के विरोध में 30,000 किसानों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था।

किसानों ने उचित मुआवजे और ऋण माफी की मांग को लेकर 12 मार्च को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने को योजना बनाई है। एआईकेएस के राज्य महासचिव अजित नवले ने कहा कि ये किसान सरकार की ओर से उनसे किए गए वादों को लागू नहीं करने को लेकर जवाब मांगेंगे।

नवले ने बताया, "राज्य के किसान कृषि संकट से जूझ रहे हैं और वे भारी वित्तीय बोझ के तले दबे हैं। सरकार ने उन्हें राहत पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया है, इसलिए उनके पास विरोध मार्च के माध्यम से अपने आक्रोश को व्यक्त करने के अलावा कोई चारा नहीं है।"

नवले ने कहा कि किसानों की 180 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में शुरू में 12,000 किसान शामिल थे, जिसमें अब 30,000 से ज्यादा किसान शामिल हो चुके हैं, जो किसानों के बीच असंतोष की तीव्रता को दर्शाता है। उन्होंने कहा जिस तरीके से किसान इससे जुड़ रहे हैं अपने गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते विरोध प्रदर्शन में शामिल किसानों की संख्या 55,000-60,000 हो जाएगी।

एआईकेएस की प्रमुख मांगों में ऋण का पूर्ण अधित्याग और कृषि लागत का 1.5 गुणा लाभ दिलवाना शामिल है। ये किसान एम. ए. स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं, जो उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करता है। आन्दोलनकारी किसान आंधी-तूफान और पिंक वार्म से फसलों के हुए नुकसान के लिए 40,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे, किसानों को खेती के तहत वन भूमि का आवंटन और वन्य अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की भी मांग कर रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत