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20 महीने बाद खुला करतारपुर साहिब कॉरिडोर, कल पूरी कैबिनेट के साथ मत्था टेकने जाएंगे सीएम चन्नी

करतारपुर साहिब कॉरिडोर खुलने से सिख सुमदाय में उत्साह का माहौल है। इस कॉरिडोर के खोले जाने से भारतीय सिख बिना वीजा के गुरुद्वारे में मत्था टेक सकेंगे।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: November 17, 2021 12:45 IST
20 महीने बाद खुला करतारपुर साहिब कॉरिडोर, कल पूरी कैबिनेट के साथ मत्था टेकने जाएंगे सीएम चन्नी- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV 20 महीने बाद खुला करतारपुर साहिब कॉरिडोर, कल पूरी कैबिनेट के साथ मत्था टेकने जाएंगे सीएम चन्नी

Highlights

  • करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से जोड़ता है।
  • गुरुद्वारा दरबार साहिब वह स्थल है जहां सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने प्राण त्यागे थे।
  • कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल मार्च में करतारपुर साहिब की तीर्थयात्रा को निलंबित कर दिया गया था।

नई दिल्ली: करतारपुर कॉरिडोर को आज से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। कोरोना महामारी से पैदा हुए हालात के कारण पिछले साल 16 मार्च को करतारपुर कॉरीडोर बंद करने का फैसला किया गया था। अब बीस महीने के बाद सिखों के इस सबसे पवित्र स्थान तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया गया है। इससे पहले मंगलवार शाम को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके कॉरिडोर को खोलने के फैसले की जानकारी दी। अमित शाह ने लिखा कि श्री करतारपुर साहिब करोड़ों देशवासियों की असीम श्रद्धा का केंद्र है और इस कॉरिडोर का फिर से संचालन शुरू करने का निर्णय सिख समुदाय के प्रति मोदी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। 

करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने के फैसले के बाद सिख सुमदाय में उत्साह का माहौल है। इस कॉरिडोर के खोले जाने से भारतीय सिख बिना वीजा के गुरुद्वारे में मत्था टेक सकेंगे। उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने करतारपुर कॉरिडोर दोबारा खोलने के केंद्र के फैसले का मंगलवार को स्वागत किया और कहा कि राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य उस ‘जत्थे’ का हिस्सा होंगे जो 18 नवंबर को पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक स्थल का दौरा करेगा। 

करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से जोड़ता है। गुरुद्वारा दरबार साहिब वह स्थल है जहां सिख पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने प्राण त्यागे थे। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल मार्च में करतारपुर साहिब की तीर्थयात्रा को निलंबित कर दिया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने बुधवार से करतारपुर गलियारे को पुनः खोलने का निर्णय लिया है। गुरु नानक की जयंती ‘गुरु पर्व’ इस साल 19 नवंबर को मनाई जाएगी।

चन्नी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से गलियारे को पुनः खोलने का अनुरोध किया था। चन्नी ने, “मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।” चन्नी ने संवाददाताओं से कहा, “पूरा मंत्रिमंडल उस पहले जत्थे का हिस्सा होगा जो 18 नवंबर को जाकर श्रद्धांजलि देगा।” चन्नी ने बाद में ट्वीट किया, “श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर श्री करतारपुर साहिब को दोबारा खोलने के निर्णय का मैं गर्मजोशी से स्वागत करता हूं। इस कदम ने लाखों श्रद्धालुओं की इच्छा पूरी की है जिन्हें कोविड महामारी के कारण ‘दर्शन दीदारे’ से वंचित रहना पड़ा था।” 

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