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अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकते हैं अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

 Edited By: Bhasha
 Published : Jul 21, 2021 08:01 am IST,  Updated : Jul 21, 2021 08:01 am IST

इस यात्रा का मुख्य जोर इस साल के अंत में वाशिंगटन में क्वाड समूह के नेताओं की भौतिक मौजूदगी में एक शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार करना होगा। क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं। 

US Secretary of State Antony Blinken may visit India next week अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकते हैं अ- India TV Hindi
अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकते हैं अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन Image Source : TWITTER/SECBLINKEN

नई दिल्ली. भारत और अमेरिका, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की भारत यात्रा पर विचार विमर्श कर रहे हैं और यह अगले सप्ताह में हो सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष यात्रा की तारीखों और अन्य प्रासंगिक विवरणों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। यह ब्लिंकन की अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में भारत की पहली यात्रा होगी। हालांकि, इस तरह की यात्रा पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

इस यात्रा का मुख्य जोर इस साल के अंत में वाशिंगटन में क्वाड समूह के नेताओं की भौतिक मौजूदगी में एक शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार करना होगा। क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं। अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ समूह के प्रति वाशिंगटन की प्रतिबद्धता के बारे में एक मजबूत संकेत देने के लिए क्वाड के नेताओं की भौतिक मौजूदगी में एक शिखर सम्मेलन को आयोजित करने पर विचार कर रहा है।

जनवरी में बाइडन प्रशासन के सत्ता में आने के बाद ब्लिंकन भारत आने वाले इसके दूसरे उच्च पदस्थ अधिकारी होंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए मार्च में भारत की तीन दिवसीय यात्रा की थी। ऑस्टिन की भारत यात्रा भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा आयोजित एक डिजिटल शिखर सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोग का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताये जाने के कुछ दिनों बाद हुई थी।

चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के मद्देनजर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति प्रमुख वैश्विक शक्तियों के बीच एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है। कई देश और समूह हिंद-प्रशांत के बढ़ते रणनीतिक हितों को देखते हुए अपने दृष्टिकोण के साथ सामने आए हैं। अप्रैल में, यूरोपीय संघ हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टि को सूचीबद्ध करने के लिए एक व्यापक रणनीति के साथ सामने आया।

ब्लिंकन की भारत यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों द्वारा कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीद है, जिसमें अफगानिस्तान में तेजी से विकसित हो रही स्थिति, क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता और कोरोना वायरस महामारी से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीके शामिल हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गत मई में अमेरिका का दौरा किया था, जिस दौरान उन्होंने प्रमुख अमेरिकी फार्मा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। जयशंकर की अमेरिका की पांच दिवसीय यात्रा का मुख्य जोर देश के टीका उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका से भारत को कच्चे माल की आपूर्ति पर था। उम्मीद है कि भारत-अमेरिका वार्ता में अफगानिस्तान की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

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