बेंगलरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के चिकलसंद्रा इलाके में सार्वभौमनगर में एक मकान मालिक और बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के कर्मचारियों के बीच अनुसूचित जाति सर्वेक्षण के लिए स्टिकर चिपकाने को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में हाथापाई तक हो गई। जानकारी के अनुसार, BBMP कर्मचारियों ने मकान मालिक नंदीश को बिना सूचना दिए उनके घर पर सर्वेक्षण से संबंधित स्टिकर चिपका दिए।
नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों को स्टिकर चिपकाने या सर्वे करने से पहले मकान मालिक को सूचित करना जरूरी है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। जब नंदीश ने इसका विरोध किया, तो बहस बढ़ गई। नंदीश का आरोप है कि BBMP कर्मचारियों ने उन पर हमला किया, उन्हें थप्पड़ मारा और लात मारी। यह पूरी घटना पास के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
विवाद के बाद BBMP ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेश को निलंबित कर दिया और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी। दूसरी ओर, सुरेश ने अपने बचाव में कहा कि नंदीश ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन पर हमला करने की कोशिश की। सुरेश ने दावा किया, ‘मकान मालिक ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और मुझे मारने की कोशिश की। जब उसने मेरी मां को गाली दी तो मुझे गुस्सा आ गया। पड़ोसियों ने सब कुछ देखा।’
अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है। BBMP ने इस घटना के बाद अपने कर्मचारियों को नए निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि सर्वेक्षण के दौरान नियमों का सख्ती से पालन करें, निवासियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी भी स्थिति में संयम बनाए रखें।
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