देश में गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। बुधवार (9 अप्रैल) को अकेले उत्तर प्रदेश में आग लगने के तीन मामले सामने आए। इसके अलावा यूपी और महाराष्ट्र में भी आग लगने के कारण काफी नुकसान हुआ है। प्रयागराज के नैनी इलाके के दादूपुर के पास प्लाईवुड गोदाम में आग लगने से खासा नुकसान हुआ। फायर बिग्रेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं, कन्नौज में आतिशबाजी के सामान से भरे हुए बंद कमरे में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने से छिटके बारूद ने आपसपास के खेतों को चपेट में लिया। हादसे में करीब 3 बीघा खेतों में कटा पड़ा गेंहू जलकर राख हो गया। घटना सौरिख के नगरिया तालपार गांव में हुई। सूचना पर पहुंची दमकल ने कड़ी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया।
सीतापुर में रेलवे आवासीय परिसर में आग लग गई और परिसर के जंगल में तेजी से फैल गई। इस घटना में रेलवे के कई उपकरण जलने की आशंका है। आग लगने से रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
(सीतापुर आग)
हाथरस में पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाते समय युवक की बाइक में भीषण आग लग गई। थाना सासनी क्षेत्र के अलीगढ़ आगरा नेशनल हाईवे पर गांव समामई के पास स्थित पैट्रोल पंप में बाइक में अचानक आग लगने से भगदड़ मच गई। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने जलती हुई बाइक को रस्सी से बांधकर सड़क पर ले जाकर फेंका। पेट्रोल पंप कर्मचारियों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
महाराष्ट्र के देविगिरी किले में मंगलवार (8 अप्रैल) को आग लगने से खासा नुकसान हुआ। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के स्थानीय अधिकारियों ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आग के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। देवगिरि किला, जिसे दौलताबाद किला भी कहा जाता है, जिले में आने वाले पर्यटकों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यह छत्रपति संभाजीनगर शहर से लगभग 16 किमी दूर स्थित है। यह नौवीं से 14वीं शताब्दी में यादव राजवंश की राजधानी हुआ करता था। अधिकारी ने बताया, ‘‘मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे आग लगी और किले के चारों तरफ फैल गई। आग ने किले के परिसर में घास और हरियाली को अपनी चपेट में ले लिया। हमने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि आग कैसे लगी। हम इस ऐतिहासिक स्मारक की आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी जांच करने जा रहे हैं।’’
(हाथरस में आग)
अधिकारी ने कहा कि किले के लिए आपदा प्रबंधन योजना बाद में तैयार की जाएगी। आग लगने के बाद स्थानीय दमकल कर्मियों को सूचित किया गया, लेकिन वे प्रभावित क्षेत्र तक नहीं पहुंच सके क्योंकि यह काफी ऊंचाई पर है। उन्होंने कुछ दूरी से पानी छिड़ककर आग बुझाने की कोशिश की। शाम को आग तो शांत हो गई, लेकिन रात भर अंगारे सुलगते रहे। आग से क्षेत्र में बंदर सहित कई जंगली जानवर प्रभावित हुए। किले के पीछे मैदानी इलाके में मोर देखे गए, जहां मेंढा तोप रखी गई है। यह इलाका पहले झाड़ियों और छोटे पेड़ों से ढका हुआ था, जहां मोर आराम करते थे। लेकिन आग से ये पेड़ पूरी तरह जल गए।
ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में मंगलवार शाम को एक पार्किंग में आग लग गई, जिसमें करीब पांच ट्रक और कुछ गुमटियां जल गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। ग्वालियर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी सत्यपाल सिंह चौहान ने बताया कि शाम को ट्रांसपोर्ट नगर पार्किंग नंबर दो में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत ग्वालियर के सभी अग्निशमन केंद्रों से दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। उन्होंने बताया कि आग में पांच ट्रक और कुछ गुमटियां जल गईं। कुछ ट्रकों को क्रेन की मदद से हटाया गया। उन्होंने बताया कि आग बुझाने के लिए दमकल की 15 गाड़ियां भेजी गईं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
(प्रयागराज में आग)
राष्ट्रीय राजधानी के नरेला इलाके में जूते-चप्पल बनाने वाले एक कारखाने में मंगलवार को आग लग गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। अधिकारी ने बताया कि उन्हें सुबह 9.34 बजे आग लगने की सूचना मिली और आग को पूरी तरह बुझाने में आठ घंटे से अधिक का समय लगा। उन्होंने बताया, ‘‘हमने दमकल की 10 गाड़ियों को मौके पर भेजा। शाम 6.05 बजे आग बुझाई गई। कोई हताहत नहीं हुआ है।’’
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