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Jammu Kashmir: भद्रवाह में मुस्लिम लोगों ने पहाड़ी मंदिर में मूर्तियां ले जाने में की मदद, एकता और भाईचारे की नई मिसाल कायम की

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के डोडा में कुरसारी पंचायत के मुस्लिम निवासियों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करते हुए यहां के एक प्राचीन मंदिर में विशाल मूर्तियों को ले जाने में हिंदू समुदाय के लोगों की मदद की।

Akash Mishra Edited By: Akash Mishra
Published on: August 06, 2022 16:18 IST
Representational Image- India TV Hindi News
Image Source : PTI Representational Image

Highlights

  • कुर्सारी में पर्वत की चोटी पर प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित होंगी मूर्तियां
  • यह हमारी संस्कृति है और ये हमारे मूल्य हैं, जो हमें विरासत में मिले हैं:कुरसारी सरपंच
  • सेना की स्थानीय टुकड़ी, रोड बनाने में जुटी कंपनियां और नागरिक प्रशासन ने भी किया सहयोग

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के डोडा में कुरसारी पंचायत के मुस्लिम निवासियों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल की। उन्होंन यहां के एक प्राचीन मंदिर में विशाल मूर्तियों को ले जाने में हिंदू समुदाय के लोगों की मदद की। भद्रवाह-डोडा राजमार्ग से तीन किलोमीटर दूर कुर्सारी में पर्वत की चोटी पर हाल में पुनर्निर्मित शिव मंदिर में स्थापित करने के लिए 500 किलोग्राम से 700 किलोग्राम वजन और ग्रेनाइट से बनी छह मूर्तियों को राजस्थान से खरीदा गया था। कठिनाई को भांपते हुए कुरसारी पंचायत के सरपंच साजिद मीर ने न केवल सड़क निर्माण के लिए पूंजीगत व्यय बजट से 4.6 लाख रुपये आवंटित किए, बल्कि अपने समुदाय के 150 ग्रामीणों को भी मदद करने के लिए कहा। 

हमने फिर से दिखाया है कि हम सब एकजुट हैं

मीर ने कहा, ‘‘यह हमारी संस्कृति है और ये हमारे मूल्य हैं, जो हमें विरासत में मिले हैं। यही कारण है कि हम उन लोगों के नापाक मंसूबों के शिकार नहीं हुए जो हमें धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश करते हैं। आज हमने फिर से दिखाया है कि हम सब एकजुट हैं।’’ चार दिनों में, दोनों समुदायों के लोगों ने मूर्तियों को मंदिर तक ले जाने के लिए मशीनों और रस्सियों का इस्तेमाल किया, जहां उन्हें नौ अगस्त को एक धार्मिक समारोह में स्थापित किया जाएगा। मीर ने कहा, ‘‘इस पर जो प्रतिक्रिया मिल रही है, उसे देखना वास्तव में उत्साहजनक है.सेना की स्थानीय टुकड़ी, सड़क निर्माण में जुटी कंपनियां और नागरिक प्रशासन भी आगे आए और अपना पूरा सहयोग दिया।’’ 

मंदिर समिति ने भी मुस्लिमों के सहयोग की तारीफ की

शिव मंदिर समिति ने भी काम को पूरा करने में मुस्लिम समुदाय से मिले सहयोग के लिए उनकी प्रशंसा की है। मंदिर समिति के अध्यक्ष रविंदर प्रदीप ने कहा, ‘‘हमारे पड़ोसियों के प्यार और स्नेह को देखकर खुशी होती है, इनसे हमें ताकत मिलती है। हमने मूर्तियों के परिवहन के प्रबंधन के लिए पिछले चार दिनों में कड़ी मेहनत की, जो एक समय में असंभव काम लग रहा था।’’ एक स्थानीय निवासी हाजी अब्दुल गनी मस्ताना (75) ने कहा, ‘‘मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि हमारे युवा सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के लोकाचार को खूबसूरती से आगे बढ़ा रहे हैं।’’ भद्रवाह स्थित सेना की राष्ट्रीय राइफल्स इकाई ने सद्भावना के रूप में ग्रामीणों की मदद के लिए जवानों और मशीनों को भेजा। 

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