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कर्नाटक में कुछ तो गड़बड़ है! CM के सलाहकार ने बालू माफिया को खुली छूट मिलने का लगाया आरोप, लिखी चिट्ठी

 Reported By: T Raghavan Edited By: Niraj Kumar
 Published : Oct 21, 2025 11:56 am IST,  Updated : Oct 21, 2025 11:57 am IST

सीएम सिद्धरामैया के सलाहकार बसवराज रायारेड्डी ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने बालू माफिया को खुली छूट मिलने का आरोप लगाया है।

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सिद्धरामैया, सीएम कर्नाटक Image Source : PTI

बेंगलुरु: ऐसा लगता है कि कर्नाटक में सिद्धरामैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की नैया अब हिचकोले खा रही है। राज्य में बालू माफिया को लूट को खुली छूट मिलने का आरोप लगाए जा रहे हैं। ये आरोप कोई और नहीं बल्कि सीएम सिद्धरामैया के सलाहकार बसवराज रायारेड्डी लगा रहे हैं। इन्होंने इस संबंध में एक चिट्ठी भी मुख्यमंत्री को लिखी है।

अधिकारी भी बालू माफिया की मदद कर रहे

मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को लिखी चिट्ठी में बसवराज रायारेड्डी ने कहा कि विभागीय अधिकारी भी बालू माफिया की मदद कर रहे हैं और इसके खिलाफ गम्भीर कार्रवाई होनी चहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी बालू तस्करों का साथ दे रहे हैं। उन्होंने उन पर रॉयल्टी रेवेन्यू के ₹400 करोड़ से ज़्यादा लूटने का आरोप लगाया, जो सरकार को मिलना चाहिए था।

प्राकृतिक संसाधनों की लूट

बसवराज रायारेड्डी ने मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को एक पत्र लिखा है, जिसमें बालू माफिया और उनकी मदद करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा, "भ्रष्ट अधिकारी और बालू माफिया मिलकर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को लूट रहे हैं। अगर हम इनकम टैक्स और GST कलेक्शन को सुनिश्चित कर सकते हैं तो, रेत पर रॉयल्टी कलेक्शन लेने में दिक्कत क्यों हो रही है।

पारदर्शी सिस्टम का प्रस्ताव 

उन्होंने एक आसान और पारदर्शी सिस्टम का प्रस्ताव दिया है। इस सिस्टम में घर के मालिक कंस्ट्रक्शन रेत के लिए सीधे सरकार को रॉयल्टी देंगे, जिससे बिचौलिए खत्म होंगे और माफिया का असर खत्म होगा।

तुंगभद्रा नदी से बड़े पैमाने पर दोहन

उनकी शिकायत के मुताबिक, तुंगभद्रा नदी से करीब 85 km दूर के इलाकों से हर दिन 100-150 ट्रक रेत और जल्ली पत्थर गैर-कानूनी तरीके से ले जाए जा रहे हैं। इस गैर-कानूनी काम में 200 से ज़्यादा लोग शामिल हैं। हैरानी की बात है कि डिपार्टमेंट ऑफ़ माइंस एंड जियोलॉजी के अधिकारी, जिनसे इस गैर-कानूनी धंधे पर रोक लगाने की उम्मीद है, कथित तौर पर इस रैकेट की रीढ़ हैं।

टास्क फोर्स बनाने का सुझाव

कुछ अधिकारी 12-13 साल से एक ही इलाके में पोस्टेड हैं, जिससे डिपार्टमेंट की रेप्युटेशन खराब हो रही है। रायारेड्डी ने 10 से ज़्यादा अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके तुरंत ट्रांसफर की मांग की है। उन्होंने हालात पर नज़र रखने के लिए डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाने का भी सुझाव दिया है। उन्होंने खास तौर पर सीनियर जियोलॉजिस्ट पुष्पलता का नाम उन लोगों में लिया जो कथित तौर पर गैर-कानूनी कामों में मदद कर रहे हैं। बसवराज रायारेड्डी  पुष्पलता और अन्य अधिकारियों के खिलाफ डिसिप्लिनरी कार्रवाई की मांग की है।

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