उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी के बाद अब गंगोत्री धाम में भी गैर हिंदुओं के आने पर पाबंदी लगाई जाएगी। खास बात ये कि गैर हिंदुओं पर पाबंदी सिर्फ गंगोत्री धाम में ही नहीं बल्कि मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी लागू होगी।
दोनों ही जगह सिर्फ हिन्दुओं को प्रवेश दिया जाएगा। श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा कि दूसरे धर्मों के लोग यहां पर्यटक के तौर पर आते हैं, हिन्दुओं की भावनाओं का अनादर करते हैं, ये ठीक नहीं हैं, इसलिए इन धार्मिक स्थानों में उन लोगों को रोका जाएगा, जिनकी सनातन में आस्था नहीं है।
सेमवाल ने कहा कि जो सनातन धर्म का सम्मान करते हैं, उनके आने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। आने वाले दिनों में बदरीनाथ और केदारनाथ में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाए जाने पर भी विचार किया जाएगा।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि हर धर्म में कुछ ऐसी जगहें होती हैं, जहां सिर्फ उसी धर्म को मानने वाले लोग जा सकते हैं, मक्का और मदीना में सिर्फ मुस्लिम जाते हैं, वेटिकन सिटी में सिर्फ रोमन कैथलिक ईसाई जाते हैं, अब बदरीनाथ-केदारनाथ में भी सिर्फ सनातन में आस्था रखने वाले ही आएंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिन्दुओं के पवित्र स्थानों में दूसरे मज़हब के लोगों के प्रवेश पर पाबंदी कोई गलत बात नहीं हैं, सरकार भी साधु संतों की भावनाओं का ख्याल रखेगी, इस मुद्दे पर कानूनी राय लेकर आगे बढ़ेगी।
लेकिन कांग्रेस के नेता इस तरह की पाबंदी का विरोध कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आकर लोग हिंदू धर्म की महानता से परिचित होते हैं, लेकिन बीजेपी अपना सियासी एजेंडा पूरा करने के लिए गैर हिंदुओं पर पाबंदी लगा रही है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि ये हिंदुओं का मसला है, उन्हें जो करना है, करें।
ये बात सही है कि तिरुपति बालाजी का मंदिर, जगन्नाथ पुरी जैसे कई देवस्थान हैं, जहां गैर-हिन्दुओं का प्रवेश वर्जित है। लेकिन ज्यादातर धार्मिक स्थानों पर इस तरह की कोई रोक नहीं है।
ये सवाल इसीलिए उठा क्योंकि कुछ दिन पहले गंगासागर मेले में चिकन पैटीज़ बेचते हुए कुछ लोग पकड़े गए। हरिद्वार में बहुत से मुस्लिम साधु के भेष में पकड़े गए। कुछ लोगों ने मंदिर के आसपास मांस का सेवन किया। कई लोगों ने गलत तरीके से रील्स बनाई। इसके कारण विवाद हुआ। लेकिन कुछ लोगों की गलत हरकतों के कारण सब पर रोक लगाना कैसे ठीक हो सकता है? बड़ी संख्या में विदेशों से लोग अध्यात्म की तलाश में भारत आते हैं।
एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने खुद कैंचीधाम जाकर अध्यात्म का अनुभव किया। स्टीव जॉब्स की पत्नी लारेन पॉबेल पिछले साल ही कुंभ में आईं, एक महीने तक संगम के तट पर रहीं, अपना नाम कमला रख लिया, हिन्दुत्व को अपनाया।
इस तरह के दर्जनों उदाहरण है। बड़ी संख्या में विदेशी गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ जाते हैं। वे सनातन के प्रति अपनी आस्था का भाव लेकर आते हैं। इसीलिए पाबंदी उन लोगों पर लगानी चाहिए, जो परंपराओं का अपमान करते हैं। सब पर पाबंदी लगाना ठीक नहीं होगा। (रजत शर्मा)
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