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अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनाएगी फैसला, भाजपा ने कहा- सभी को फैसले का करना चाहिए सम्मान

Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61 Published : Dec 10, 2023 08:54 pm IST, Updated : Dec 10, 2023 10:13 pm IST

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करने वाली है और फैसला देने वाली है। इस बीच सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बीच भाजपा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को सम्मान करना चाहिए।

Supreme Court HEARING on Article 370 tomorrow BJP said everyone should respect the verdict- India TV Hindi
Image Source : PTI अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनाएगी फैसला

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अपना फैसला सुनाने वाली है। इस बीच जम्मू कश्मीर के कई राजनीतिक दलों ने पुराने प्रावधान को बहाल किए जाने की उम्मीद जताई है। इस बीच भाजपा ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसका सम्मान सभी को करना चाहिए। इस फैसले के मद्देनजर अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की है। इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अबदुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शीर्ष अदालत के प्रतिकूल फैसले की स्थिति में बी उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर में शांति भंग नहीं करेगी और अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। 

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अनुच्छेद 370 पर कल सुप्रीम कोर्ट का फैसला

वहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अदालत के फैसले से स्पष्ट होना चाहिए कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को लेकर लिया गया फैसला अवैध था। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन यानी गुपकर अलायंस का हिस्सा हैं। इस गठबंधन का गठन अनुच्छेद 370 बहाल करने के लिए किए जाने वाले संघर्ष के लिए किया गया है। जम्मू कश्मीर के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय लोगों के पक्ष में फैसला सुनाएगा। पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को जब पांच अगस्त, 2019 को निरस्त कर दिया गया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया, तो जम्मू कश्मीर में कई प्रतिबंध लगाए गए और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया या घरों में नजरबंद कर दिया गया था। 

370 को खत्म करना भाजपा के एजेंडे में था

इस घटना के परिणाम के बारे में कई दलों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं के बावजूद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जोर देकर कहा था कि इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान ‘खून की एक बूंद भी नहीं बहाई’ गई। अनुच्छेद 370 को खत्म करना भाजपा के एजेंडे के मुख्य मुद्दों में से एक था और इसे लगातार उसके चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया गया था। अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों को बहाल कराने के लिए संविधान के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से लड़ाई जारी रखेगी। उमर ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय को फैसला देना है। फैसला देने दीजिए। अगर हमें स्थिति बिगाड़नी होती तो हमने 2019 के बाद ही ऐसा किया होता। हालांकि, हमने तब भी कहा था और अब भी दोहराते हैं कि हमारी लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से संविधान के अनुरूप होगी। हम अपने अधिकारों की रक्षा और अपनी अस्मिता को सुरक्षित रखने के लिए संविधान और कानून की मदद ले रहे हैं।"

(इनपुट-भाषा)

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