तेजपुर: असम के तेजपुर यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को सबसे सीनियर फैकल्टी ने खुद ही कार्यवाहक कुलपति के तौर पर पदभार संभाल लिया। यूनिवर्सिटी पिछले 7 दिन से बंद है, जहां मध्य सितंबर से करप्शन के आरोप में वीसी शंभू नाथ सिंह के खिलाफ प्रोटेस्ट जारी है। संभू नाथ सिंह ने गुरुवार दोपहर प्रबंधन बोर्ड की बैठक बुलाकर Department of Mass Communication के प्रोफेसर जोया चक्रवर्ती को प्रो-वाइस चांसलर नियुक्त कर दिया था। हालांकि जोया चक्रवर्ती ने नियुक्ति को स्वीकार करने से मना कर दिया। इसके बाद प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे तेजपुर यूनिवर्सिटी यूनाइटेड फोरम यानी TUUF ने असम के सोनितपुर में मौजूद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अपना प्रोटेस्ट जारी रखने का निर्णय किया।
बता दें कि तेजपुर यूनिवर्सिटी में कामकाज बीते 29 नवंबर से बंद है। प्रदर्शनकारियों की डिमांड है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में वीसी शंभू नाथ सिंह को हटाया जाए। गुरुवार देर रात यूनिवर्सिटी समुदाय की मीटिंग हुई, जिसमें तेजपुर यूनिवर्सिटी एक्ट, 1993 को लागू करने का फैसला लिया गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी के सीनियर मोस्ट फैकल्टी ध्रुव कुमार भट्टाचार्य ने तत्काल प्रभाव से एक्टिंग वीसी का कार्यभार संभाल लिया। ध्रुव कुमार भट्टाचार्य, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के Higher Education Department के सेक्रेटरी को लेटर लिखकर उन्हें इसके बारे में जानकारी दी गई, साथ ही एक्ट के संबंधित प्रावधानों का हवाला दिया।
‘पीटीआई’ ने गुरुवार को हुई प्रबंधन बोर्ड की बैठक के बाद से सभी दस्तावेज और लेटर्स को देखा है। एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा, “हम प्रोटेस्ट के दौरान मंत्रालय से किसी पॉजिटिव स्टेप का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह पूरी तरह मूक दर्शक बना रहा। अधिकारियों ने वीसी शंभू नाथ सिंह के साथ मिलकर चाल चली और एक प्रो-वीसी नियुक्त कर दिया।” उन्होंने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी समुदाय शंभू नाथ सिंह को हटाने की डिमांड पर अड़ा हुआ है, और चूंकि वह करीब 3 महीने से कैंपस में नहीं हैं, तो इसलिए एक्ट के मुताबिक, एक कार्यवाहक कुलपति ने कार्यभार संभाल लिया। वीसी 22 सितंबर को यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ बहस और हंगामे के बाद से गैरमौजूद हैं।
उन्होंने ये भी बताया कि प्रोटेस्ट के स्टार्ट होने के बाद से कम से कम 11 फैकल्टी मेंबर और सीनियर अधिकारी या तो अपने पद से रिजाइन कर चुके हैं या यूनिवर्सिटी छोड़ चुके हैं। तेजपुर यूनिवर्सिटी में सितंबर के मध्य से हालात तनावपूर्ण हैं जब स्टूडेंट्स ने वीसी और यूनिवर्सिटी के अफसरों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सिंगर जुबिन गर्ग के निधन के बाद उनके प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाया, जबकि असम में उनके निधन का शोक मनाया जा रहा था।
(इनपुट- भाषा)
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