अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा 'द इंडिया स्टोरी' कार्यक्रम में नजर आए। ये कार्यक्रम विकसित भारत @2047 के तहत न्यूयॉर्क में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रजत शर्मा और मशहूर शेफ, रेस्टोरेंट मालिक एवं फिल्ममेकर विकास खन्ना के बीच दिलचस्प बातें हुईं। इस इंटरव्यू में दोनों के बीच देश, संस्कृति, सपने और मेहनत के मुद्दे पर बातें हुईं, जिन्हें सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। इंटरव्यू के शुरुआत में रजत शर्मा की तारीफ करते हुए विकास खन्ना ने कहा, 'भारत में दो लोग हैं जो कभी बूढ़े नहीं हो रहे, एक एक्टर अनिल कपूर हैं, दूसरे रजत जी हैं।'
अपने बचपन की कठिनाइयों को रजत शर्मा ने किया याद
इस इंटरव्यू में रजत शर्मा ने कठिनाई में बीते अपने बचपन के दिनों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि, कैसे पुरानी दिल्ली की एक तंग गली के तीसरे फ्लोर के 10X10 कमरे में उनका बचपना बीता है। सात भाई, बहन, पिता और माता जी सबको मिलाकर कुल 10 लोग उस छोटे से कमरे में रहते थे। कमरे में बिजली की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए पास के ही रेलवे स्टेशन के पास जाकर रात में पढ़ाई किया करते थे। घर में पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी तो दूर जाकर नगर निगम के नल से जाकर पानी लाते थे।
भारत की मिट्टी में कुछ तो है- रजत शर्मा
रजत शर्मा ने आगे कहा, 'जहां वह स्कूल जाते थे, वहां कोई ब्लैकबोर्ड नहीं था। वहां कोई बैठने की बेंच भी नहीं थी। कभी-कभी घर पर खाने के लिए कुछ नहीं रहता था। यहां पर बैठे कुछ लोग जानते होंगे कि तब अमेरिका से मिल्क पाउडर भारत भेजा जाता था, तब मैं लाइन में लगकर उन डिब्बों को लेता था। कई दिनों के लिए वह भोजन का माध्यम बनता था। हमारे जीवन की शुरुआत कुछ इस तरह हुई थी। मैं यहां पर ये कहना चाहता हूं कि भारत की मिट्टी में कुछ तो है, भारत की हवा में कुछ तो है, जो गरीब से गरीब को मौका देकर बड़ा बनाती है।'
पीएम मोदी का भी दिया उदाहरण
रजत शर्मा की ये बातें सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए और उनके सम्मान में तालियां बजाने लगे। इसके बाद रजत शर्मा बोले, 'हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी इसका उदाहरण हैं, सभी लोग उनके पुराने दिनों के बारे में जानते हैं। वह चाय की दुकान में काम करते थे। कैसे उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला फिर प्रधानमंत्री बने।' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'यकीन मानिए भारत हमेशा हर किसी को मौका देता है, लेकिन आपमें मेहनत करने और अपने लिए जगह बनाने की काबिलियत होनी चाहिए।'
जब कॉलेज में अरुण जेटली से हुई मुलाकात
अपने पढ़ाई और कॉलेज के दिनों में अरुण जेटली से हुई मुलाकात को याद कर रजत शर्मा काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, 'बचपन में कुछ करने को नहीं था तो सिर्फ पढ़ाई करते थे, किताबें पढ़ते रहते थे। पढ़ते-पढ़ते अच्छे मार्क्स आ गए तो मेरा एडमिशन श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हो गया, जो एशिया का बेस्ट इंस्टीट्यूट है। उस कॉलेज में फर्स्ट डे, जब मैं लाइन में लगकर फीस दे रहा था, तो मेरे पास 5 रुपये, 2 रुपये और 10 रुपये के नोट थे। तो जो अकाउंटेंट था वो मुझपर चिल्लाने लगा। उसने कहा कि 3 रुपये कम पड़ रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'तब मेरे पीछे से एक आवाज आई, अकाउंटेंट तुम्हें पता नहीं कि फ्रेशर से कैसे बात करते हैं। तब मैंने पीछे मुड़कर देखा कि सफेद शर्ट, सफेद पैंट पहने और कानों के नीचे तक लंबी कलमों (बालों) वाले एक हैंडसम शख्स ने अकाउंटेंट को 5 रुपये दिए। तब मैंने मना किया कि अरे, सर आप न दीजिए, तो इस पर उन्होंने कहा कि आप फीस नहीं देते तो आपको कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता।' तो वह शख्स अरुण जेटली थे, जो कि भारत के वित्त मंत्री भी रहे।'
पीएम मोदी के साथ शो की यादगार बातें
आप की अदालत कार्यक्रम में लोगों और सार्वजनिक हस्तियों के साक्षात्कार की अपनी 32 साल की यात्रा के बारे में विस्तार से बताते हुए रजत शर्मा ने कहा कि उनका सबसे पसंदीदा अनुभव 2014 में गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ का था। उन्होंने कहा, 'उनके बारे में बहुत जिज्ञासा है और उन्होंने आप की अदालत कार्यक्रम में बहुत अच्छे से जवाब दिया। शो की रिकॉर्डिंग से कुछ दिन पहले, नरेंद्र मोदी ने मुझसे कहा कि मैं दिन में चुनाव प्रचार में व्यस्त हूं, इसलिए मैं रात में शूटिंग के लिए आ सकता हूं, लेकिन उस समय तक दिन में कई सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करने के कारण उनका गला बैठ गया था।'
चुनावी जनसभाओं में व्यस्त रहने के बावजूद नरेंद्र मोदी आप की अदालत की शूटिंग के लिए आए। रजत शर्मा ने बताया कि कैसे मोदी को आते ही दर्शकों का प्यार मिला और जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, उनकी आवाज सामान्य हो गई। यह एपिसोड डेढ़ घंटे तक लगातार शूट किया गया।
उन्होंने आगे कहा, 'यह आप की अदालत का सर्वश्रेष्ठ शो में से एक था। शो की रिकॉर्डिंग के बाद जब वे अहमदाबाद के लिए रवाना हो रहे थे, तब मैंने उनसे पूछा, 'यह कैसे संभव हुआ?' इस पर नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया, 'रजत जी, ईश्वर की कुछ कृपा आप पर है और कुछ मुझ पर है।'
आप की अदालत में लता मंगेशकर के साथ का अनुभव
रजत शर्मा ने कहा कि 32 सालों से ऐसा करने के बाद भी, वह आज भी आप की अदालत के एपिसोड की शूटिंग से पहले चिंतित और घबरा जाते हैं। उन्होंने महान गायिका लता मंगेशकर के साथ अपनी मुलाकात का एक किस्सा लोगों के साथ साझा किया।
रजत शर्मा ने कहा कि जब वे लता जी से मिले, तो 16 साल तक इंटरव्यू करने के बावजूद वे बहुत ज्यादा नर्वस थे। इस दौरान उन्हें लता मंगेशकर से एक प्रेरणादायक जवाब मिला, जिसमें उन्होंने कहा वे 60 साल से गा रही हैं, लेकिन गाना रिकॉर्ड करने से पहले उन्हें आज भी वही एहसास होता है। लता मंगेशकर ने रजत शर्मा से कहा, 'अभी भी जब मैं माइक के सामने खड़ी होती हूं तो घबरा जाती हूं। इसलिए, इसे जारी रखें।'
शो खत्म होने के बाद गेस्ट से क्या पूछते हैं रजत शर्मा?
विकास खन्ना ने रजत शर्मा से पूछा कि आप की अदालत शो समाप्त होने के बाद वह अपने गेस्ट से क्या बात करते हैं। रजत शर्मा ने कहा कि वह अपने सभी गेस्ट से पूछते हैं कि क्या उन्हें लगता है कि क्या कोई ऐसा सवाल या जवाब जो कुछ उन्होंने कहा है, उसे टीवी पर प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए। अपने गेस्ट को वह आश्वासन देते हैं कि उनके कहने पर ही उन चीजों को ऑन एयर करेंगे।
'मेरे सवालों से नहीं, गेस्ट के जवाबों से बना है आप की अदालत'
रजत शर्मा ने आगे कहा, 'सभी गेस्ट इसकी सराहना करते हैं। वे शो की डायरेक्टर और मेरी पत्नी रितु जी से पूछते हैं कि शो कैसा था, क्योंकि मैं शो में इतना व्यस्त हो जाता हूं कि मुझे पता ही नहीं चलता कि मैंने क्या पूछा या उन्होंने क्या जवाब दिया।' अंत में रजत शर्मा ने कहा, 'आप की अदालत शो मेरे सवालों से नहीं, मेरे गेस्ट के जवाबों से बना है।'