वक्फ कानून को लेकर देश में मचा संग्राम दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। दिल्ली से लेकर कोलकाता और पटना से लेकर भोपाल तक प्रोटेस्ट हो रहे हैं। एक तरफ विपक्ष सरकार को घेरने में लगा है तो दूसरी ओर कई मुस्लिम संगठनों का सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज होता जा रहा है। आज से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन तेज कर दिया है। "वक़्फ़ बचाओ मुहिम" के पहले दौर का आगाज आज से हो गया है, जो 7 जुलाई तक चलेगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि ये मुहिम शाह बानो मामले की तरह शहर से लेकर गांव तक चलाई जाएगी।
वफ्फ कानून के खिलाफ इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भोपाल में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का धरना प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेती, प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे। हमें सुप्रीम कोर्ट पर यकीन है कि वह हमें न्याय देगी।
वक्फ कानून के विरोध को लेकर विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने कहा कि यह कानून वही है जिसको बनाने से पहले लगभग एक करोड़ भारतीयों ने अपनी राय दी थी और संसद के दोनों सदनों में 25 घंटे से अधिक ऐतिहासिक चर्चा हुई थी। इसके बावजूद देश का सेक्यूलर जिहादी गठजोड़ देश को दंगों की आग में झोंकने का कुत्सित प्रयास कर रहा है, जिससे उसे बाज आना चाहिए।
धार्मिक संस्थाओं की स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच, जम्मू और कश्मीर में वक्फ एक्ट पर विधानसभा में प्रस्ताव पारित न होने से निराशा का माहौल बन गया है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व की एक आपात बैठक बुलाई। यह बैठक श्रीनगर स्थित महबूबा मुफ्ती के गुपकार स्थित G4 सरकारी आवास पर हुई, जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता जैसे मोहम्मद सरताज मदनी, अब्दुल रहमान वेरी, डॉ. महबूब बेग, गुलाम नबी लोन हंजुरा, नयम अख्तर आंद्राबी, बशारत बुखारी, अब गफ्फार सोफी, एशिया नकाश, जाहूर अहमद मीर, मोहम्मद खुर्शीद आलम, वाहिद उर रहमान पर्रा, एडवोकेट मोहम्मद यूसुफ भट, इम्तियाज हुसैन शान, अंजुम फैज़ीली, मोहम्मद राशिद कुरैशी, राजिंदर मनहास, शेख नासिर, यासिर रेशी, पीर मंसूर हुसैन और अन्य नेताओं ने भाग लिया। बैठक में वक्फ से जुड़े मामलों के समाधान में हो रही देरी के राजनीतिक और धार्मिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा में इस मुद्दे पर चुप्पी को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा, "वक्फ एक्ट पर प्रस्ताव पारित न होना केवल राजनीतिक चूक नहीं है, यह हमारी धार्मिक भावनाओं और संस्थाओं की स्वायत्तता पर सीधा हमला है।" (रिपोर्ट- मंजूर मीर)
आज कोलकाता में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने मुसलमानों का मजमा लगाया। वक्फ के नाम पर मंच से तकरीरें हुईं और वक्फ कानून का मुसलमानों को डर दिखाया गया। ऐसा ही मजमा भोपाल में भी लगा है। वहीं दिल्ली में वक्फ कानून पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे की वर्कशॉप का आयोजन हुआ जिसका मकसद वक्फ कानून पर अफवाह खत्म करना है। मुंबई में बीजेपी ने मुस्लिम इलाकों में संवाद यात्रा निकाली। घर-घर जाकर मुसलमानों को वक्फ कानून के फायदे गिनाएं।
कोलकाता में जमीयत-उलेमा-ए हिंद का धरना-प्रदर्शन है तो भोपाल में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड प्रोटेस्ट कर रहा है। पटना में वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम संगठन इकट्ठा हुए हैं। इस वक्त प्रतिनिधि परामर्श बैठक चल रही है। उसके बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यहां भी आज विरोध-प्रदर्शन करेगा।
बीजेपी ने तीन लेवल पर मुस्लिमों के बीच आउटरीच का प्लान तैयार किया है। प्रदेश स्तर, जिला स्तर और मंडल स्तर पर प्रोफेशनल्स, इंफ्लुएंसर्स और प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम किया जाएगा। बीजेपी युवा मोर्चा को मुस्लिम नौजवानों के बीच नए कानून के फायदे बताने की जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी के सभी सांसदों और विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में कम से कम एक संवाद कार्यक्रम करने के लिए भी कहा गया है। बीजेपी का मकसद वक्फ कानून को लेकर गढ़े जा रहे नैरेटिव को तोड़ना और पहली बार मुस्लिम परिवारों तक डोर टू डोर कैंपेन के जरिए पहुंच बनाना है।
वक्फ संशोधन कानून का नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद बीजेपी ने इसे लेकर देश भर में जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान किया है। इसके जरिए मुस्लिम समुदाय को बताया जाएगा कि यह कानून किस तरह से उनके लिए फायदेमंद है। बीजेपी ने इस अभियान के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी, अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रभारी और राष्ट्रीय मंत्री अरविंद मेनन, राष्ट्रीय महासचिव राधामोहन दास अग्रवाल और अनिल एंटनी समिति के सदस्य होंगे।
अखिल भारतीय मुस्लिम ज़मात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा, "वक्फ संशोधन बिल से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं है बल्कि फायदा है। इससे गरीब मुसलमानों की मदद होगी। वक्फ के पीछे मंशा भी यही थी। लेकिन मंशा के मुताबिक काम नहीं हो रहा था इसलिए संशोधन किया गया। इससे भ्रष्टाचार रूकेगा। इस ज़मीन पर अस्पताल, स्कूल, कॉलेज आदि बनेंगे...कुछ सियासी लोग मुसलमानों को डराने और बहकाने में लगे हैं।"
वक्फ बोर्ड की वक्फ बचाओ मुहिम के तहत भोपाल की सेंट्रल लाइब्रेरी में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक धरना होगा। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने की लोगों से अपील की है कि बिना किसी झंडा बैनर के शांति से धरना स्थल पर पहुंचना है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड खुद प्रदेशों की राजधानियों में धरना और गिरफ्तारी कार्यक्रम चलाएगा। जुम्मे की नमाज के बाद लोग ह्यूमन चैन बनाकर या दूसरे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में आज बीजेपी भी उतर रही है। आज से मुंबई में बीजेपी, मुस्लिम इलाकों में संवाद यात्रा शुरू कर रही है जिसके तहत वक़्फ़ क़ानून को मुसलमानों को समझाया जाएगा और धन्यवाद मोदी का एक फॉर्म भरावाया जाएगा।
आज ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड वक्फ बचाओ मुहिम चलाएगा जो आज से 7 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हर जिला मुख्यालय पर धरना होगा, डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा और देश के बड़े 50 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। कोलकाता में भी जमीयत-उलेमा-ए हिंद के तरफ से प्रदर्शन होगा।
संपादक की पसंद