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अकेले मोदी विरोधी एजेंडे से नहीं बनेगी बात, कांग्रेस नेता ने किया आगाह

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली ने आगाह किया है कि सिर्फ नरेन्द्र मोदी विरोधी एजेंडे से विपक्षी मोर्चे को बीजेपी का मुकाबला करने में मदद नहीं मिलेगी। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों के एक साथ काम करने के लिए साझा न्यूनतम कार्यक्रम पेश करने का भी आह्वान किया।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: July 29, 2021 16:56 IST
Anti-Modi agenda alone won't sustain opposition front, says Congress leader Veerappa Moily- India TV Hindi
Image Source : PTI वीरप्पा मोइली ने आगाह किया है कि सिर्फ मोदी विरोधी एजेंडे से विपक्षी मोर्चे को बीजेपी का मुकाबला करने में मदद नहीं मिलेगी।

बेंगलुरु: वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली ने आगाह किया है कि सिर्फ नरेन्द्र मोदी विरोधी एजेंडे से विपक्षी मोर्चे को बीजेपी का मुकाबला करने में मदद नहीं मिलेगी। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों के एक साथ काम करने के लिए साझा न्यूनतम कार्यक्रम पेश करने का भी आह्वान किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी आगाह किया कि अगर दल इस पर ही चर्चा करते रहेंगे कि किस नेता या राजनीतिक संगठन को इस वक्त इसकी अगुवाई करनी चाहिए तो ऐसा मोर्चा कामयाब नहीं होगा।

मोइली ने कहा, ‘‘विपक्षी दलों को अभी नेतृत्व की चिंता नहीं करनी चाहिए। अगर वे यह चर्चा शुरू कर रहे हैं कि कौन इसका नेता बनेगा, किस राजनीतिक पार्टी को इसकी अगुवाई करनी चाहिए तो, यह कामयाब नहीं होगा।’’ उन्होंने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुलाकात और विपक्षी दलों के एक साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर उनकी टिप्पणियों का स्वागत किया।

मोइली ने कहा कि कुछ वर्गों में यह धारणा है कि केवल मोदी विरोधी भावना विपक्षी दलों को एक साथ ला रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अकेले यह नहीं दिखाना चाहिए। किसी व्यक्ति विशेष का विरोध किसी भी राजनीतिक मोर्चे को आगे लेकर नहीं जाएगा। विपक्षी दलों ने इंदिरा गांधी के खिलाफ यही किया था। वे कामयाब नहीं हुए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष का एजेंडा निजी मुद्दों पर आधारित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह वैचारिक मुद्दों पर आधारित होना चाहिए।’’ 

उन्होंने कहा कि एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम के बिना विपक्षी मोर्चा सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय चर्चा लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने और देश को आगे ले जाने पर होनी चाहिए तथा साथ ही मौजूदा सरकार के ‘नकारात्मक एजेंडे’ के खिलाफ होनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि विपक्षी मोर्चे में किसी भी पार्टी को किसी भी दल के शामिल होने का विरोध नहीं करना चाहिए। 

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