Monday, February 09, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कांग्रेस ने जताई चिंता, लोकतंत्र के लिए बताया खतरा; जानें क्या कहा

चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कांग्रेस ने जताई चिंता, लोकतंत्र के लिए बताया खतरा; जानें क्या कहा

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने इसपर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। वहीं उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किए हैं।

Edited By: Amar Deep
Published : Mar 10, 2024 08:26 am IST, Updated : Mar 10, 2024 08:26 am IST
चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कांग्रेस ने जताई चिंता।- India TV Hindi
Image Source : PTI चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कांग्रेस ने जताई चिंता।

नई दिल्ली: कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफे को भारतीय लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने इस घटनाक्रम के बारे में स्पष्टीकरण दिए जाने की बात कही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि अगर संस्थाओं की बर्बादी को नहीं रोका गया तो लोकतंत्र पर तानाशाही का कब्जा हो जाएगा। 

'लोकतंत्र पर कब्जा कर लिया जाएगा'

खरगे सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया कि "भारत में अब केवल एक चुनाव आयुक्त है, जबकि कुछ ही दिनों में लोकसभा चुनावों की घोषणा होनी है। क्यों?" कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि "जैसा कि मैंने पहले कहा है, यदि हम अपने स्वतंत्र संस्थाओं की सुनियोजित बर्बादी को नहीं रोकते हैं, तो तानाशाही द्वारा हमारे लोकतंत्र पर कब्ज़ा कर लिया जाएगा।" कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग अब ध्वस्त होने वाली आखिर की संवैधानिक संस्थाओं में से एक होगी। खरगे ने कहा कि "मोदी सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और उचित स्पष्टीकरण देना चाहिए।"

लोकतंत्र की सेहत के लिए चिंताजनक

वहीं कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने भी कहा कि निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि ‘‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सेहत के लिए यह बेहद चिंताजनक बात है कि चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस्तीफा दे दिया है। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था कैसे काम कर रही है? इसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है।’’

मामले को स्पष्ट करे चुनाव आयोग

वेणुगोपाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह निर्वाचन आयोग पर दबाव डालती है। वेणुगोपाल ने दावा किया कि ‘‘2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान अशोक लवासा ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए प्रधानमंत्री को क्लीन चिट देने के खिलाफ असहमति जताई थी। बाद में, उन्हें लगातार पूछताछ का सामना करना पड़ा। यह रवैया दर्शाता है कि शासन लोकतांत्रिक परंपराओं को नष्ट करने पर तुला हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम को स्पष्ट किया जाना चाहिए और आयोग को हर समय पूरी तरह से गैर-पक्षपातपूर्ण होना चाहिए। 

चुनाव आयुक्त ने दिया इस्तीफा

बता दें कि चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने 2024 के लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की संभावित घोषणा से कुछ दिन पहले शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। गोयल का कार्यकाल दिसंबर 2027 तक था। फरवरी में अनूप पांडे की सेवानिवृत्ति और गोयल के इस्तीफे के बाद, तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में अब केवल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार हैं। 

(इनपुट- भाषा)

यह भी पढ़ें- 

पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति चुने गए आसिफ अली जरदारी, देश में अब तक नहीं हुआ ऐसा; हासिल की उपलब्धि

दिल्ली: सीलमपुर में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक की मौत, एक घायल

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement