मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी हलचल काफी बढ़ चुकी है। सबसे बड़ा संकट उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सामने है। दिल्ली की डिनर डिप्लेमैसी ने उद्धव ठाकरे की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बीच शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य़ ठाकरे ने आज राहुल गांधी से मुलाकात की।
शरद पवार द्वारा एकनाथ शिंदे को ‘महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने के बाद से महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के गठबंधन एमवीए में उथल-पुथल मची हुई है। वहीं दिल्ली में चल रही डिनर डिप्लोमैसी से यह संकेत मिल रहा है कि उद्धव की शिवसेना में अंदरखाने कुछ न कुछ जरूर चल रहा है और पार्टी में फूट पड़ सकती है। शिंदे गुट के नेता पहले ही ऑपरेशन टाइगर का ऐलान कर चुके हैं। फडणवीस सरकार में मंत्री और एकनाथ शिंदे गुट के उदय सामंत का दावा है कि धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं और कुछ लोग अभी छिप रहे हैं। लेकिन समय आने पर वे हमारे साथ आएंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (राकांपा-एसपी) प्रमुख शरद पवार द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित करने के बाद विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) में मचे घमासान के बीच शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। आदित्य ठाकरे ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में गांधी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने चुनाव आयोजित कराने में निर्वाचन आयोग के खिलाफ लगे आरोपों पर भी चर्चा की।
शरद पवार के शिंदे को ‘महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने के बाद से महाराष्ट्र में विपक्षी दलों के गठबंधन एमवीए में उथल-पुथल मची हुई है। शिंदे ने 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के लिए तत्कालीन अविभाजित शिवसेना के अधिकतर विधायकों को अपने साथ ले लिया था। शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने और बाद में उन्होंने शिवसेना पर भी नियंत्रण हासिल कर लिया। भाजपा, शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महायुति गठबंधन ने नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की, जिससे एमवीए को बड़ा झटका लगा जो लोकसभा चुनाव में राज्य में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद फिर से जीत की उम्मीद कर रहा था।
शिवसेना के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले धड़े ने शिंदे को ‘‘गद्दार’’ करार दिया है और शरद पवार के पुणे स्थित एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) ‘सरहद’ द्वारा स्थापित पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किए जाने पर हैरान है। आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘‘जो लोग महाराष्ट्र विरोधी हैं, वे राष्ट्र विरोधी हैं। हम ऐसे लोगों को सम्मानित नहीं कर सकते जो इस तरह के गंदे काम में लिप्त हैं। यह हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है। मुझे उनके (शरद पवार के) सिद्धांतों के बारे में पता नहीं है।’’ महाराष्ट्र में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में महायुति ने 288 सदस्यीय सदन में 235 सीट जीती थीं, जबकि विपक्षी दलों के एमवीए गठबंधन को 50 सीट मिली थीं। (इनपुट-भाषा)
संपादक की पसंद