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‘कंधार से इंडोनेशिया तक... ’, कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कितनी दूर तक फैला था असली भारत

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Mar 31, 2023 08:20 am IST,  Updated : Mar 31, 2023 08:20 am IST

रिजिजू ने कहा कि हिमालय के उस पार कैलाश पर्वत, मानसरोवर झील, आज की जो भारत-तिब्बत सीमा है, इससे कहीं अंदर तक हमारी संस्कृति फैली हुई थी।

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केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजीजू। Image Source : ANI

नई दिल्ली: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत का आकार इसके वर्तमान मानचित्र से कहीं ज्यादा बड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ कारणों की वजह से देश का आकार सीमित रह गया, अन्यथा देश का प्रभाव कंधार से लेकर इंडोनेशिया और हिमालय के पार तिब्बत तक हुआ करता था। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की कल्पना को जन्म दिया और वर्तमान भारत को भावनात्मक और भौगोलिक दृष्ठि से जोड़ दिया।

‘कंधार से इंडोनेशिया तक था भारत का प्रभाव’

किरेन रिजिजू ने कहा कि अतीत में भारत का प्रभाव आज के मुकाबले काफी बड़े इलाके में हुआ करता था। केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा, 'बहुत से लोगों को इसका अंदाजा नहीं होगा कि हम आज जो भारत देखते हैं, वर्तमान में भारत का जो मानचित्र है, वास्तव में भारत का आकार इससे कहीं बड़ा है। लेकिन कई कारण हैं जिसकी वजह से हम एक सीमित भारत बनकर रह गए, अन्यथा कंधार, तक्षशिला और इंडोनेशिया तक हमारा प्रभाव हुआ करता था। हिमालय के उस पार कैलाश पर्वत, मानसरोवर झील, आज की जो भारत-तिब्बत सीमा है, इससे कहीं अंदर तक हमारी संस्कृति फैली हुई थी।'


‘भारत का सांस्कृतिक फैलाव बहुत बड़ा है’
किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत को भावनात्मक और सांस्कृतिक दृष्टि से जोड़ने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, 'भारत का सांस्कृतिक फैलाव बहुत बड़ा है, लेकिन कभी-कभी हम लोग खुद उसको पहचानते नहीं हैं। मैं यह मानता हूं कि यह हमारा सौभाग्य है कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की कल्पना को जन्म दिया और बचे हुए भारत को न सिर्फ भौगोलिक दृष्टि से, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक दृष्टि से जोड़ने का काम किया है।'

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