1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा में हुई कटौती, उपचुनाव में डिंपल यादव को समर्थन देना पड़ा भारी?

शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा में हुई कटौती, उपचुनाव में डिंपल यादव को समर्थन देना पड़ा भारी?

 Written By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Nov 28, 2022 04:09 pm IST,  Updated : Nov 28, 2022 04:09 pm IST

साल 2018 में शिवपाल सिंह यादव को ‘जेड श्रेणी’ की सुरक्षा प्रदान की गयी थी। पुलिस के अनुसार ‘वाई श्रेणी’ की सुरक्षा में कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं जिनमें दो पीएसओ भी होते हैं, जबकि ‘जेड श्रेणी’ की सुरक्षा में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के चार से पांच कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।

 प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव- India TV Hindi
प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव Image Source : PTI

साल 2018 में शिवपाल सिंह यादव को मिली Z श्रेणी की सुरक्षा अब हटा ली गई है। इसकी जगह अब उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यादव की सुरक्षा का स्तर घटाये जाने की सोमवार को पुष्टि की। पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण एवं सुरक्षा) वैभव कृष्‍ण का सोमवार को एक आधिकारिक पत्र सामने आया है, जिसमें उन्होंने पुलिस आयुक्‍त, लखनऊ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) इटावा को पत्र लिखकर प्रसपा प्रमुख एवं जसवंत नगर के विधायक शिवपाल सिंह यादव की सुरक्षा ‘जेड’ श्रेणी के स्थान पर ‘वाई श्रेणी’ किये जाने की जानकारी दी है। 

राज्‍य स्‍तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ फैसला

रविवार को लिखे गये पत्र में उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को आयोजित राज्‍य स्‍तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। वर्ष 2018 में शिवपाल सिंह यादव को ‘जेड श्रेणी’ की सुरक्षा प्रदान की गयी थी। पुलिस के अनुसार ‘वाई श्रेणी’ की सुरक्षा में कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं जिनमें दो पीएसओ (निजी सुरक्षा गार्ड) भी होते हैं, जबकि ‘जेड श्रेणी’ की सुरक्षा में राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) के चार से पांच कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किये जाते हैं। 

डिंपल के समर्थन में आए शिवपाल यादव

उत्तर प्रदेश में पांच दिसंबर को एक लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। मैनपुरी लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार डिंपल यादव को जीताने के लिए शिवपाल यादव जमकर प्रचार कर रहे हैं। साल 2017 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि पूरा सपा कुनबा साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के रास्ते अलग हो गए थे। 

2018 में मिली थी Z श्रेणी की सुरक्षा

सपा से अलग होने के बाद शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी बनाई। कई बार उनके बयान बीजेपी के सपोर्ट में आए। जिसके बाद साल 2018 में यूपी सरकार की तरफ से उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई। लेकिन सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट से डिंपल यादव को जीताने के लिए शिवपाल यादव ने खुलकर समर्थन किया है, माना जा रहा है कि यही वजह है कि उनकी सुरक्षा घटा दी गई है।  

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत