Monday, March 16, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. Lakhimpur Kheri Case: पुलिस के सामने क्यों पेश नहीं हुआ आशीष मिश्रा? केंद्रीय मंत्री ने बताई वजह

Lakhimpur Kheri Case: पुलिस के सामने क्यों पेश नहीं हुआ आशीष मिश्रा? केंद्रीय मंत्री ने बताई वजह

Written by: IndiaTV Hindi Desk Published : Oct 08, 2021 04:08 pm IST, Updated : Oct 08, 2021 04:46 pm IST

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने अपने बेटे को 'निर्दोष' बताते हुए शुक्रवार को कहा कि उनका बेटा 'अस्वस्थ' है और वह शनिवार को पुलिस के सामने पेश होगा। मिश्रा ने यहां चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमें कानून पर भरोसा है। मेरा बेटा निर्दोष है।

लखीमपुर खीरी कांड: पुलिस के सामने क्यों पेश नहीं हुआ आशीष मिश्रा? केंद्रीय मंत्री ने बताई ये वजह- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV लखीमपुर खीरी कांड: पुलिस के सामने क्यों पेश नहीं हुआ आशीष मिश्रा? केंद्रीय मंत्री ने बताई ये वजह

नयी दिल्ली/लखनऊ: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में अपने बेटे आशीष मिश्रा के पुलिस के सामने पेश ना होने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने जानकारी दी है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने शुक्रवार को कहा कि जब पुलिस बुलाएगी तब पेश होंगे। मेरे बेटे को कल नोटिस मिला, कल उनका स्वास्थ्य कुछ गड़बड़ था। उन्होंने स्वयं कहा कि मैं कल पेश होकर अपना कथन जांच एजेंसी के सामने दूंगा, वो निर्दोष है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि हमें कानून पर भरोसा है, मेरा बेटा बेगुनाह है। बताया जा रहा है कि अजय मिश्रा सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। 

शनिवार को पुलिस के सामने पेश होगा आशीष मिश्रा?

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने अपने बेटे को 'निर्दोष' बताते हुए शुक्रवार को कहा कि उनका बेटा 'अस्वस्थ' है और वह शनिवार को पुलिस के सामने पेश होगा। मिश्रा ने यहां चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हमें कानून पर भरोसा है। मेरा बेटा निर्दोष है। उसे गुरुवार को नोटिस मिला लेकिन उसने कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है।" उन्होंने कहा, "वह कल पुलिस के सामने पेश होगा और अपने निर्दोष होने के बारे में बयान और सबूत देगा।'' यह पूछे जाने पर कि विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, उन्होंने कहा, "विपक्ष तो कुछ भी मांगता है"। मंत्री ने कहा कि यह भाजपा सरकार है जो निष्पक्ष तरीके से काम करती है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आशीष आज नहीं पहुंचे पुलिस कार्यालय, एक और नोटिस में शनिवार तक समय दिया गया

बता दें कि, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा शुक्रवार को लखीमपुर खीरी में पुलिस के सामने पेश नहीं हुए, इसलिये आज (शुक्रवार) उनके घर के बाहर दूसरा नोटिस चस्पा कर उन्हें शनिवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है। अपुष्ट सूत्रों से ऐसी खबरे मिल रही है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का आरोपी बेटा आशीष नेपाल भाग गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद उनके घर के बाहर चस्पा नोटिस में कहा गया है, ‘‘शनिवार को प्रात: 11 बजे अपराध शाखा कार्यालय पुलिस लाइन लखीमपुर खीरी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें । यदि आपके द्वारा ऐसा नही किया जाता है तो नियमानुसार विधिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी ।’’ 

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में UP सरकार द्वारा उठाए कदमों से संतुष्ट नहीं है उच्चतम न्यायालय 

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए कदमों से संतुष्ट नहीं है। साथ ही, न्यायालय ने उससे सवाल किया कि जिन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है। तीन अक्टूबर को हुई हिंसा की इस घटना में आठ लोग मारे गये थे। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील हरीश साल्वे को शीर्ष पुलिस अधिकारियों को यह बताने को कहा कि मामले में साक्ष्य और संबद्ध सामग्री नष्ट नहीं हों। पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘ आप (राज्य) क्या संदेश दे रहे हैं।’’ न्यायालय ने राज्य सरकार से सवाल किया कि क्या अन्य आरोपी, जिनके खिलाफ भारतीय दंड संहित की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाता है, उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार होता है। पीठ ने कहा, ‘‘ अगर आप प्राथमिकी देखेंगे, तो उसमें धारा 302 का जिक्र है। क्या आप दूसरे आरोपियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करते हैं।’’ शीर्ष न्यायालय ने इसे ‘‘बेहद गंभीर अरोप’’ बताया। न्यायालय ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 20 अक्टूबर की तारीख तय की है। 

लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है- योगी आदित्यनाथ 

वहीं लखीमपुर हिंसा के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार घटना की तह में जा रही है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। जिसके खिलाफ सबूत मिलेंगे उसे छोड़ेंगे नहीं, किसी के दबाव में कार्रवाई भी नहीं करेंगे। योगी आदित्यनाथ ने ये भी कहा कि जो लोग लखीमपुर आए थे, वो कोई सद्भावना के लिए नहीं आए थे। 

मामले में अबतक 2 की हुई गिरफ्तारी

गुरुवार को दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष को लखीमपुर खीरी हिंसा के सिलसिले में पेश होने के लिए कहा था। उधर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने यहां जारी एक बयान में कहा कि आशीष मिश्रा को जारी किए गए समन के बाद भी उनका कोई अता पता नहीं है। यह बहुत चिंताजनक बात है। बयान में कहा गया है कि ‘‘लखीमपुर कांड’’ में शामिल सुमित जायसवाल, अंकित दास और अन्य को गिरफ्तार करने में पुलिस ढिलाई बरत रही है। 

एक और वीडियो क्लिप सामने आई

बयान में कहा गया है कि थार वाहन (जिससे किसानों को कुचलने का आरोप है) में सुमित जायसवाल स्पष्ट रूप से वाहन से भागते हुए दिखाई दे रहे थे। एसकेएम ने कहा कि इसी तरह एक और वीडियो क्लिप सामने आई है जिसमें एक पुलिस अधिकारी घटना में पकड़े गए एक व्यक्ति से पूछताछ कर रहा है, जो कह रहा है कि अंकित दास काफिले के फॉर्च्यूनर वाहन में था। संयुक्त किसान मोर्चा ने आशीष, सुमित और अंकित की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो लोगों में बनबीरपुर गांव के लवकुश और निघासन तहसील के आशीष पांडेय शामिल हैं। 

4 किसानों समेत 8 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ 3 अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कथित तौर पर कुचल दिया। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी, जबकि हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी। पिछले रविवार को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी।

किसान नेताओं ने दावा किया है कि उस वाहन में आशीष भी थे, जिसने प्रदर्शनकारियों को कुचला था, लेकिन मंत्री ने आरोपों से इनकार किया है। आरोप है कि इन किसानों को वाहन से टक्कर मारी गयी थी। किसानों ने दावा किया था कि आशीष मिश्रा काफिले के किसी वाहन में सवार थे। हालांकि, आशीष और उनके पिता अजय मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार किया था। पुलिस ने मंत्री के बेटे और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए उप महानिरीक्षक (डीआईजी) उपेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय टीम का गठन किया था। तिकोनिया थानाक्षेत्र में हुई इस घटना में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Latest Uttar Pradesh News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement