Monday, February 09, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. कहीं आप शुद्ध देसी घी के नाम पर कुछ और तो नहीं खा रहे! नोएडा पुलिस ने किया नकली घी बनाने वालों का भंडाफोड़

कहीं आप शुद्ध देसी घी के नाम पर कुछ और तो नहीं खा रहे! नोएडा पुलिस ने किया नकली घी बनाने वालों का भंडाफोड़

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मिलावटी चीजों के इस्तेमाल से किडनी, लीवर और दिल पर असर पड़ता है। इनसे कैंसर तक हो सकता है। पेट और स्किन के रोग तो तत्काल दिखाई देने लगते हैं, लेकिन बाकी गंभीर बीमारियां धीरे-धीरे घेरती है।

Written By: Sudhanshu Gaur @SudhanshuGaur24
Published : Jan 14, 2023 08:07 pm IST, Updated : Jan 14, 2023 08:09 pm IST
नकली देसी घी बनाने वालों का भंडाफोड़ - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV नकली देसी घी बनाने वालों का भंडाफोड़

नोएडा: आजकल शहरों में देसी घी बड़े ही चाव से खाया जाता है। पहले लोग घी खाने से थोड़ा हिचकते थे, लेकिन अब एक ट्रेंड चल पड़ा है। इस ट्रेंड का मिलावटखोरों ने भी समझा और लग गए अपने धंधे पर। वो बड़े-बड़े ब्रांड के पैकटों में नकली घी भरकर बाजार में बेचने लगे। 200 रुपए किलो वाला घी 700-800 रुपए के पैकेट में भरकर बेचा जाने लगा। इसी तरह के मिलावट खोरों का भंडाफोड़ नोएडा पुलिस ने किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने नोएडा के वाजिदपुर गांव के घर में नकली देशी घी बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। टीम ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। मौके से 240 किलोग्राम नकली घी जब्त किया गया है। ये लोग बड़ी बड़ी कंपनियों के लेबल लगाकर घी को बेचते थे। 

फैक्ट्री से करीब 20 पेटी घी बरामद हुआ

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल ने बताया कि वाजिदपुर निवासी संदीप चौहान, जसवंत चौहान और महेंद्र चौहान के संरक्षण में उनके घर पर विकास अग्रवाल निवासी बदरपुर दिल्ली फैक्ट्री चला रहा था। वह मिलावटी घी तैयार करता था। उसके पास फैक्ट्री चलाने के लाइसेंस भी नहीं था। फैक्ट्री से करीब 20 पेटी घी बरामद हुआ है। प्रत्येक पेटी में एक-एक किलोग्राम के 12 डिब्बे थे।

कुछ दिनों पहले ही शुरू किया था काम 

फैक्ट्री में वनस्पति घी में केमिकल डालकर देशी घी तैयार किया जाता था। एक किलोग्राम घी तैयार करने में लगभग 200 रुपए खर्च आता था। जबकि उक्त घी को बाजार में 500 से 700 रुपए में बेच देता था। डिब्बों पर नामचीन कंपनियों का लेबल चिपके होने के कारण बाजार में घी बिक रहा था। टीम को फैक्ट्री में आरोपी संदीप के अलावा चार अन्य व्यक्ति काम करते मिले। टीम ने दावा किया है कि फैक्ट्री जनवरी को ही शुरू हुई थी। उनके खिलाफ एक्सप्रेस-वे थाने में मामला दर्ज कराया जाएगा।

कैसे करें मिलावटी घी की पहचान 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मिलावटी चीजों के इस्तेमाल से किडनी, लीवर और दिल पर असर पड़ता है। इनसे कैंसर तक हो सकता है। पेट और स्किन के रोग तो तत्काल दिखाई देने लगते हैं, लेकिन बाकी गंभीर बीमारियां धीरे-धीरे घेरती है। खाद्य विभाग ने बताया कि एक बर्तन में एक चम्मच घी गर्म कर लें। अगर घी तुरंत पिघल जाता है और गहरे भूरे रंग में बदल जाता है, तो यह शुद्ध है। और अगर पिघलने में समय लगता है और हल्के पीले रंग में बदल जाता है, तो यह मिलावटी है।

देसी घी असली है या नकली, इन टिप्स की मदद से करें पहचान

इनपुट - एजेंसी 

Latest Uttar Pradesh News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement