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"अवसरवादी हैं स्वामी प्रसाद मौर्य", यूपी की मंत्री बेबी रानी मौर्य का तीखा हमला

 उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता बेबी रानी मौर्य ने कहा, "स्वामी प्रसाद मौर्य अवसरवादी थे। वह अवसर तलाशने आए थे। उन्हें जो करना था, वह करने के बाद वह गए और खुद देखें कि आज उनकी क्या स्थिति है।" 

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: March 27, 2022 18:04 IST
UP Minister Baby Rani Maurya- India TV Hindi
Image Source : TWITTER/ANI UP Minister Baby Rani Maurya

Highlights

  • बेबी रानी मौर्य ने स्वामी प्रसाद को बताया अवसरवादी
  • "स्वामी प्रसाद खुद देखें कि आज उनकी क्या स्थिति है"
  • चुनाव से पहले सपा में शामिल हुए थे स्वामी प्रसाद मौर्य

लखनऊ: योगी आदित्यनाथ 2.0 कैबिनेट में शपथ लेने के दो दिन बाद, बेबी रानी मौर्य ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने के दौरान ये आरोप लगाया गया था कि दलितों की उपेक्षा की जा रही है। इसपर बेबी रानी मौर्य ने स्वामी प्रसाद को एक अवसरवादी कहा है।

योगी कैबिनेट में मंत्री बेबी रानी मौर्य कहा कि वह दलित उत्थान और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगी। बेबी रानी ने कहा कि वह खुद उत्तर प्रदेश के एक दलित वर्ग जाटव समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और समुदाय उन्हें बड़ी उम्मीदों से देख रहा है। भाजपा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "एक महापौर से, भाजपा ने मुझे राज्यपाल और फिर कैबिनेट मंत्री बनाया। मैं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हूं।" दलित समुदाय के एक व्यक्ति को मंच देने के लिए उन्होंने पार्टी का आभार जताया"

उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता बेबी रानी मौर्य ने कहा, "स्वामी प्रसाद मौर्य अवसरवादी थे। वह अवसर तलाशने आए थे। उन्हें जो करना था, वह करने के बाद वह गए और खुद देखें कि आज उनकी क्या स्थिति है।" बेबी रानी ने कहा कि भाजपा गरीबों और शोषितों के कल्याण के लिए काम करती है। इसलिए लोगों ने हमें फिर से मौका दिया है और हम उनके लिए काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से महीनों पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी के श्रम और रोजगार मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था और सपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, वह फाजिलनगर सीट से भाजपा के सुरेंद्र कुमार कुशवाहा से 45,000 से अधिक मतों से चुनाव हार गए।