जम्मू के उधमपुर जिले में उस समय सनसनी और हैरानी का माहौल बन गया जब सलमाई ब्रिज के पास तवी नदी में करीब 2 से 4 किलोग्राम वजनी एक पत्थर को पानी की सतह पर तैरते हुए देखा गया। इस असामान्य दृश्य की खबर फैलते ही स्थानीय लोग, श्रद्धालु और राहगीर बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
श्रद्धालुओं ने बताया दिव्य संकेत
कई श्रद्धालुओं ने इस घटना को आस्था से जोड़ते हुए इसे दिव्य संकेत बताया। लोगों ने इसे रामसेतु की प्राचीन कथा से जोड़कर देखा, जहां मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम की वानर सेना द्वारा डाले गए पत्थर पानी पर तैरते थे। मौके पर मौजूद लोगों ने जयकारे लगाए और इसे विश्वास व भक्ति का प्रतीक बताया।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
वहीं, भूविज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों और जानकारों ने इस घटना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पत्थर प्यूमिस (Pumice) हो सकता है, जो एक प्रकार की ज्वालामुखीय चट्टान होती है। इस पत्थर के अंदर सूक्ष्म वायु कण होते हैं, जिससे इसका घनत्व कम हो जाता है और यह पानी पर तैर सकता है, भले ही इसका वजन अधिक क्यों न हो।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ऐसे पत्थर स्थानीय नदियों में आमतौर पर नहीं मिलते, लेकिन बाढ़ या जल प्रवाह में बदलाव के कारण ये लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दृश्य भले ही चौंकाने वाला हो, लेकिन इसके पीछे एक तार्किक वैज्ञानिक कारण मौजूद है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
आस्था और विज्ञान के इस संगम ने पूरे उधमपुर में चर्चा को जन्म दे दिया है। प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और व्यक्तिगत आस्थाओं का सम्मान करने की अपील की है। फिलहाल, सलमाई ब्रिज के पास तवी नदी में तैरता यह पत्थर लोगों के लिए आस्था, जिज्ञासा और विज्ञान का अनोखा संगम बना हुआ है।
(रिपोर्ट- राही कपूर)