जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट शुक्रवार को पेश किया। सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि यह वित्तीय योजना केंद्र शासित प्रदेश में सतत वृद्धि, सामाजिक सौहार्द एवं आर्थिक समृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार करने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निवेश, नवाचार एवं सहभागी शासन को बढ़ावा देकर जम्मू-कश्मीर को एक आधुनिक, प्रगतिशील और आर्थिक रूप से जीवंत क्षेत्र में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 23,800 सरकारी पदों पर फास्ट-ट्रैक भर्ती का ऐलान किया है, जिससे बेरोजगार युवाओं के चेहरों पर मुस्कान लौटने वाली है। यह घोषणा न सिर्फ रोजगार के द्वार खोल रही है, बल्कि प्रदेश में पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद भी जगाती है।
बजट भाषण में सीएम ने स्पष्ट कहा कि 2,800 गजटेड, 14,000 नॉन-गजटेड और 7,000 क्लास-IV (चौथे दर्जे) के पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाएगा। यह भर्तियां JKSSB, JKPSC जैसी संस्थाओं के माध्यम से मेरिट-बेस्ड और पारदर्शी तरीके से होंगी
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे अब्दुल्ला ने कुल 1,27,767 करोड़ रुपये की सकल प्राप्तियों एवं व्यय का अनुमान लगाया। अब्दुल्ला ने कहा, 'कुल सकल प्राप्तियों में 14,000 करोड़ रुपये के मार्ग एवं साधन अग्रिम और 'ओवरड्राफ्ट' का प्रावधान शामिल है। अग्रिम और 'ओवरड्राफ्ट' के प्रावधान को छोड़कर वित्त वर्ष के लिए कुल शुद्ध बजट अनुमान 1,13,767 करोड़ रुपये है।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026-27 के बजट अनुमानों में राजस्व व्यय के तहत 80,640 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय के तहत 33,127 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अनुमानित राजस्व प्राप्ति 90,018 करोड़ रुपये है जबकि पूंजीगत प्राप्ति 23,749 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
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