रांचीः झारखंड भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। राज्यसभा सांसद आदित्य साहू झारखंड भाजपा के नए अध्यक्ष बनाए गए हैं। वे निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने गए, क्योंकि 13 जनवरी को नामांकन की प्रक्रिया में उनका एकमात्र नामांकन दाखिल हुआ था। वह बाबूलाल मरांडी की जगह राज्य बीजेपी अध्यक्ष बने हैं। मरांडी विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।
झारखंड के लिए बीजेपी के चुनाव अधिकारी और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि आदित्य साहू पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं। मंगलवार को इस पद के चुनाव के लिए सिर्फ़ उन्होंने ही नॉमिनेशन फाइल किया था।
कौन हैं आदित्य साहू
आदित्य साहू झारखंड बीजेपी के सीनियर नेता हैं। वह ओबीसी समुदाय से आते हैं। 3 अक्टूबर को बीजेपी ने साहू को झारखंड यूनिट का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। वह साल 2022 में राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे। सांसद बनने से पहले वह झारखंड बीजेपी के महासचिव पद पर कार्यरत थे। यह नेतृत्व परिवर्तन 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आदित्य साहू का यह ताज कांटो भरा है। उन्हें पांच पूर्व मुख्यमंत्री को साधना है, जिनके अपने समर्थक हैं। ये सभी इनसे सीनियर हैं। दूसरी ओर आदिवासी झारखंड में बीजेपी से छिटके हुए हैं, उस वोट बैंक को भी वापस लाने की जिम्मेदारी है।
नेशनल काउंसिल के सदस्यों की भी घोषणा
इनके अलावा नेशनल काउंसिल के सदस्यों की आधिकारिक घोषणा भी कर दी गई है। पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, मधु कोड़ा और चंपई सोरेन, सांसद संजय सेठ, करिया मुंडा और दीपक प्रकाश और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी नेशनल काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। इन सभी नेताओं के साथ 21 लोगों ने नेशनल काउंसिल सदस्य पदों के लिए नॉमिनेशन फाइल किया था।
अर्जुन मुंडा ने की आदित्य साहू की तारीफ
इस अवसर पर अर्जुन मुंडा ने आदित्य साहू को सरल, सौम्य और संगठन के प्रति ईमानदार बताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूती मिलेगी। राज्य और देश के पार्टी लक्ष्य हासिल होंगे। उन्होंने चुनौतियों का जिक्र करते हुए 2029 में झारखंड में भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य रखा। साथ ही, झारखंड राज्य के गठन के उद्देश्य को भाजपा पूरा करेगी। उन्होंने वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई कि राज्य में अपहरण, हत्या और कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।
रिपोर्ट- मुकेश सिन्हा
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