पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें दुनिया 'बागेश्वर धाम सरकार' के नाम से भी जानती है, भारत के सबसे चर्चित आध्यात्मिक गुरुओं और कथावाचकों में से एक हैं। उनका जन्म 4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गड़ा गांव में हुआ था। वे छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम मंदिर के पीठाधीश्वर (प्रमुख) हैं। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। धीरेंद्र शास्त्री अपनी 'दिव्य दरबार' शैली के लिए प्रसिद्ध हुए। वे अक्सर भारत को 'हिंदू राष्ट्र' बनाने की वकालत करते हैं, जिसके कारण वे सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं। इसके अलावा वो अपनी बातों से युवाओं को अक्सर प्रेरित करते रहते हैं। ऐसे में यहां हम आपके लिए बाबा बागेश्वर के प्रेरक, अनमोल विचार लेकर आए हैं। यहां पढ़ें
हमेशा दूसरों की सफलता के बारे में, जानने के बजाए खुद की सफलता पर काम करना चाहिए।
चाहे जीवन में कुछ भी छोड़ देना,पर उम्मीद और मुस्कुराना कभी मत छोड़ना।
गुण मिले तो गुरु बनाओ चित्त मिले, तो चेला मन मिले तो मित्र बनाओ, वरना रहो अकेला।
लगा के आग दौलत में हमने ये सौक पाले है, कोई पूछे तो कह देना हम बागेश्वर वाले हैं।
कलयुग में कही ऐसे पुण्य धाम नहीं थे, भारत की तरह धर्म के आयाम नहीं थे, रावण के खानदान के होंगे हो लोग ‘दोस्तों’ जो लोग कह रहे है कभी राम नहीं थे।
बागेश्वर धाम के होते हुए, तू क्यों हैरान है, बालाजी के चरणों में, हर एक मुसीबत का समाधान है।
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