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मिट्टी नहीं अब हवा में उगाए गए आलू, 1 KG में 400 किलो की पैदावार, किसानों को मुनाफा ही मुनाफा-VIDEO

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Feb 07, 2026 11:53 am IST,  Updated : Feb 07, 2026 12:35 pm IST

हवा में आलू उगाए जाने का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक ही पौधे में 50 से अधिक आलू होते हैं। ये सभी आलू पूरी तरह से वायरस रहित हैं। इन आलू की पैदावार भी बंपर होती है।

हवा में उगाए गए आलू- India TV Hindi
हवा में उगाए गए आलू Image Source : REPORTER INPUT

ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में एरोपोनिक्स पद्धति से कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा आलू का बीज तैयार किया जा रहा है, जो पौधे हवा में लगाए जा रहे हैं। उनकी जड़ों में छोटे-छोटे 1000 आलू लग चुके हैं। अब इन आलू को जड़ों से निकालकर बीज के रूप में तैयार किया जा रहा है।

एरोपोनिक्स पद्धति से उगाए गए आलू

जब यह बीज बन जाएगा, उसके बाद यह किसानों को दिया जाएगा ताकि किसानों के खेतों  में आलू की अधिक पैदावार हो सके। एरोपोनिक्स पद्धति से मध्य प्रदेश में पहली बार ग्वालियर के राजमाता कृषि विश्वविद्यालय इस पद्धति से बीज तैयार किया गया है।

 वायरस रहित है पूरी पद्धति

यह सेंटर पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट शिमला की पेटेंट पद्धति है। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक का कहना है कि हवा में आलू लगाने की पद्धति वायरस रहित होती है। इन पौधों को टिशू कल्चर तकनीक के माध्यम से उगाते हैं।

एक पौधे में उगते हैं 40 से 50 आलू 

राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक डॉक्टर सुषमा तिवारी ने बताया कि इन पौधों को यहां ट्रांसप्लांट करते हैं, जो बीमारी रहित होते हैं। इससे बनने वाला बीज हाई क्वालिटी का होता है। इसमें मिनी ट्यूमर का प्रोडक्शन होता है, जिससे एक पौधे में 40 से 50 आलू उगते हैं। इससे प्रोडक्शन काफी बढ़ जाता है, आलू की 19 वैरायटी यूनिट में लगाई हैं, जिस पर अनुसंधान जारी है।

1 किलो आलू में 400 किलो आलू की पैदावार

विश्वविद्यालय की पॉलीहाउस में इस तकनीक पर काम कर रहे स्टूडेंट रमेश सिंह का कहना है कि हवा में आलू की खेती हो रही है। इसको खाद पानी के माध्यम से मिलता है। खेतों में होने वाले आलू में वायरस लगता है। जिससे आलू की पैदावार कम होती है, लेकिन यहां उगने वाला आलू वायरस रहित होता है। हाई क्वालिटी का है, जिससे आलू की पैदावार अधिक होती है। अभी 1 किलो आलू में 400 किलो आलू की पैदावार हुई है। जल्द ही यह आलू का बीज किसानों को दिया जाएगा, जिससे उनकी आलू की पैदावार बढ़ सकेगी और किसानों को काफी मुनाफा भी होगा।

जानिए क्या है एरोपोनिक्स विधि?

ये हवा में उगाई जाने वाली फसल है। इसमें मिट्टी के बिना ही पौधे बड़े होते हैं। पौधों को खाद पानी के माध्यम से मिलता है। पौधों में कोई रोग नहीं लगता है। जिससे उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ती है। इस विधि में एक पौधे में 50 से अधिक छोटे-छोटे आलू होते हैं। 5 साल तक किसानों को बीच खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। किसान की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है, यह खेती घरों की छत पर कम स्पेस में की जा सकती है। लोगों का इस विधि की ओर रुझान बढ़ रहा है।

ग्वालियर से भूपेन्द्र भदौरिया की रिपोर्ट

 

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