मध्य प्रदेश के रतलाम कलेक्टोरेट की जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रेजेंटेशन देने के लिए एक मैकेनिक को भेज दिया गया।
इस पर जिले के प्रभारी मंत्री और जनजातीय कार्य मंत्री डॉक्टर कुंवर विजय शाह नाराज हो गए और अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताई।
मंत्री ने सीएम तक शिकायत करने का दिया आदेश
मंत्री विजय शाह ने इस लापरवाही को गंभीर बताते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी और कमिश्नर को पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जानबूझकर विभाग प्रमुखों को बैठक में न भेजना अनुशासनहीनता है।
मंत्री ने मैकेनिक को बैठक से जाने को कहा
जब मैकेनिक संतोष तंवर कुछ कहने लगा तो मंत्री ने सख्त लहजे में उसे वहां से जाने को कहा। इसके बाद उन्होंने उसे पास बुलाकर हाथ मिलाया। धन्यवाद देकर बैठक से बाहर भेज दिया। बैठक के दौरान जावरा विधायक डॉक्टर राजेंद्र पांडेय ने नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के कार्यों की जानकारी मांगी। जब जवाब देने पहुंचे व्यक्ति से पद पूछा गया तो उसने खुद को मैकेनिक बताया।
विभाग प्रमुख क्यों नहीं आए- मंत्री ने पूछा
इस पर विधायक पांडेय भड़क गए और इसे बैठक का अपमान बताया। इसके बाद मंत्री विजय शाह ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग प्रमुखों की जगह मैकेनिक भेजना बैठक को हलके में लेना है।
मंत्री ने एडीएम से सवाल किया कि मंत्री और विधायक मौजूद हैं, फिर भी विभाग प्रमुख क्यों नहीं आए। उन्होंने कहा, '35 साल से विधायक और 30 साल से मंत्री हूं, इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'
मीडिया के सवालों से बचते नजर आए मंत्री विजय शाह
इसके बाद पत्रकार वार्ता में जब मंत्री विजय शाह से पूछा गया कि जिला विकास सलाहकार समिति में एक भी प्रबुद्ध जन अथवा सामान्य व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया है। भाजपा के सभी बड़े पदाधिकारी जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा अध्यक्ष उपाध्यक्ष आदि को सम्मिलित कर लिया गया क्या कारण था इसका जवाब भी वह नहीं दे पाए।