1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. रीवा: बोरवेल से 40 घंटे बाद छह साल के बच्चे को निकाला गया, हो चुकी थी मौत

रीवा: बोरवेल से 40 घंटे बाद छह साल के बच्चे को निकाला गया, हो चुकी थी मौत

 Published : Apr 14, 2024 03:00 pm IST,  Updated : Apr 14, 2024 03:00 pm IST

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों ने 40 घंटे की मशक्कत की बाद बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक बोरवेल में गिरने के तीन-चार घंटे बाद ही लड़के की मौत हो गई थी।

रीवा में रेस्क्यू ऑपरेशन- India TV Hindi
रीवा में रेस्क्यू ऑपरेशन Image Source : ANI

भोपाल: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शुक्रवार को एक बोरवेल में गिरे छह साल के बच्चे मयंक कोल की मौत हो गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों ने 40 घंटे से ज्यादा समय तक चले अभियान के बाद रविवार सुबह उसे निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बच्चा प्रयाग और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) की सीमा पर रीवा जिले की त्योंथर तहसील के एक गांव में गहरे बोरवेल में गिर गया था। निकाले जाने के बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि बोरवेल में गिरने के तीन-चार घंटे बाद ही लड़के की मौत हो गई थी।

वाराणसी से बुलाए गए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने हरसंभव प्रयास किया और सूखे बोरवेल में 40 फीट गहरे फंसे लड़के तक पहुंचने के लिए खुदाई जारी रखी। मयंक उस बोरवेल त्रासदी का ताज़ा शिकार है जिसे राज्य पिछले कई साल से झेल रहा है। पिछले ढाई साल से राज्य में बच्चों के बोरवेल में गिरने की घटनाएं और घंटों तक बचाव अभियान नियमित रूप से चल रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो साल में मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बोरवेल में गिरने से आधा दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो गई।

रीवा जिला कलेक्टर, प्रतिभा पाल, एसपी विवेक सिंह, तेनोथर के विधायक सिद्धार्थ तिवारी, पीड़ित के पीड़ित माता-पिता और वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीण बचाव अभियान देखते रहे और पिछले दो दिन से उसके जीवन के लिए प्रार्थना करते रहे। लेकिन आख़िरकार, उन्होंने मध्य प्रदेश में एक और बोरवेल त्रासदी देखी। पिछले साल 8 जून को छह साल की बच्ची सृष्टि कुशवाह सीहोर जिले के एक गांव में खुले पड़े बोरवेल में गिर गई थी। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना के संयुक्त प्रयास के 60 घंटे से अधिक समय बाद उसे बचाया गया, हालांकि, उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बैतूल जिले में 10 दिसंबर 2022 को पांच साल के तन्मय साहू की बोरवेल में गिरने से मौत हो गई। इनके अलावा पिछले दो साल में मध्य प्रदेश में बोरवेल-त्रासदी के शिकार होने वाले अन्य बच्चों में अलीराजपुर जिले में पांच वर्षीय लड़का विजय (12 दिसंबर 2023), और पांच वर्षीय लड़की माही (5 दिसंबर 2023) शामिल है। (आईएएनएस)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।