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MP के इस जिले में फैली अजीब बीमारी, किडनी फेल से फिर बच्चे की मौत, 22 दिन में 7 जानें गईं

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Sep 30, 2025 10:08 am IST,  Updated : Sep 30, 2025 10:12 am IST

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में रहस्यमयी बीमारी से एक और बच्चे की मौत हो गई है। सबसे डराने वाली बात यह है कि 22 दिनों में ऐसा सातवां मामला देखने को मिला जिससे जिले में हड़कंप मच गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PTI

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चार साल के बच्चे की किडनी में संक्रमण के कारण महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 22 दिनों में किडनी में संक्रमण के ऐसे ही मामलों में छिंदवाड़ा के 7 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या ने जिले के अधिकारियों का सकते में डाल दिया है।

4 साल के विकास की मौत

छिंदवाड़ा जिले के दिघवानी गांव के रहने वाले 4 वर्षीय विकास यदुवंशी की शनिवार को नागपुर के अस्पताल में मौत हो गई और अगले दिन उसका अंतिम संस्कार उसके पैतृक स्थान पर किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर तामिया और समीपवर्ती कोइलांचल इलाकों में इस प्रकार के किडनी संक्रमण के मामले अधिक आए हैं और यहां के प्राइवेट अस्पतालों में अब भी कुछ बच्चों का इलाज जारी है।

छिंदवाड़ा के DM ने क्या कहा?

छिंदवाड़ा के डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संक्रमण के लक्षण दिखने वाले बच्चों को हरसंभव चिकित्सा देखभाल प्रदान करें और पूरी तरह से सक्रिय रहें। उन्होंने कहा, ‘‘जिन मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार की आवश्यकता है, उन्हें एम्स नागपुर में रेफर किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ की व्यवस्था की जाएगी।’’

CM मोहन यादव से की बात

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनसे फोन पर बात की और उनसे मरीजों को शीघ्र और सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए कहा। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक पटेल ने बताया कि अब तक एक से सात साल की उम्र के सात बच्चों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक टीम ने हाल में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे किया और परीक्षण के लिए सैंपल एकत्र किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने भी घरों से पानी के सैंपल एकत्र किए। इन्हें पुणे की लैब में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौतों के सही कारण का पता चल पाएगा।’’

क्या है बीमारी के लक्षण?

कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नरेश गुन्नाडे ने कहा कि संक्रमण का पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था और उसके बाद पहली मौत सात सितंबर को हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार और पेशाब करने में कठिनाई आना शामिल है। वर्तमान में छिंदवाड़ा जिले में तीन और नागपुर में चार बच्चों का इलाज हो रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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