मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार बुधवार (18 फरवरी) को रोलिंग बजट पेश किया गया। इस बजट में 2029 तक के वित्तीय खर्च का अनुमान शामिल है। इस दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आठवीं तक के बच्चों को मुफ्त में दूध बांटने का ऐलान किया। योजना में गड़बड़ी की आशंका को कम करते हुए साफ कहा गया कि बच्चों को टेट्रा पैक दिए जाएंगे। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना लेकर आई है। आइए जानते हैं यह योजना क्या है। इससे बच्चों को क्या फायदा होगा और मध्य प्रदेश के बजट में बच्चों को और क्या-क्या मिला है?
मध्य प्रदेश सरकार के साल 2026-27 के बजट में इस योजना का ऐलान किया गया है। इसके तहत सरकार आठवीं तक के बच्चों को मुफ्त में दूध के टेट्रा पैक देगी। बच्चों की सेबह बेहतर करने के लिए और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के लिए यह योजना लाई गई है। सरकार की तरफ से इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आगामी शैक्षणिक सत्र से इसके लागू होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को अतिरिक्त पोषण प्रदान करना, खासकर दूध के माध्यम से प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराना है। योजना के पहले चरण में सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के 80 लाख बच्चों को इस योजना के जरिए पोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने इस योजना में साफ किया है कि बच्चों को टेट्रा पैक में ही दूध दिया जाएगा, ताकि मिलावट की आशंका कम हो। यह दूध बच्चों को मिड-डे मील के साथ या अलग से दिया जाएगा। टेट्रा पैक के कारण बच्चों को अलग से ग्लास लाने की जरूरत नहीं होगी। स्कूल में भी बर्तन धोने और साफ-सफाई का काम कम होगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही सरकार की तरफ से बताया गया है कि इस योजना के तहत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
राज्य सरकार ने 15000 शिक्षकों की भर्ती करने का ऐलान किया है। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही स्कूलों में शिक्षकों के खाली पद भरे जाएंगे। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
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