महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार, यह भूकंप सुबह के समय आया। राहत की बात यह है कि तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
भूकंप सुबह करीब 6 बजे से ठीक पहले आया, जब अधिकतर लोग सो रहे थे। झटके महसूस होते ही कुछ इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था। आमतौर पर कम गहराई वाले भूकंप के झटके अधिक स्पष्ट रूप से महसूस किए जाते हैं। चूंकि 3.5 तीव्रता का भूकंप "हल्की" श्रेणी में आता है, जिससे इमारतों को बड़ा नुकसान होने का खतरा कम रहता है।
इससे पहले, गुजरात के कच्छ में शुक्रवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर 4.6 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने निवासियों के बीच दहशत पैदा कर दी और लोग 2001 की पुरानी यादों के डर से घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के बड़े नुकसान की खबर नहीं।
गांधीनगर स्थित भूगर्भीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने बताया कि यह भूकंप सुबह 4:30 बजे दर्ज किया गया और इसका केंद्र कच्छ जिले के रापर से लगभग 22 किलोमीटर पश्चिम उत्तर पश्चिम में था। आईएसआर ने बताया कि भूकंप के बाद उसी क्षेत्र में 2.5 और 3 तीव्रता के दो और झटके महसूस किए गए। कच्छ जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है।
कच्छ विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के भूविज्ञानी डॉ.गौरव चौहान ने बताया कि रापर के पास आए 4.6 तीव्रता के भूकंप का केंद्र उत्तरी वागड़ फॉल्ट लाइन पर स्थित था और इसका केंद्र पांच किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, "भूकंप के केंद्र की कम गहराई के कारण इसका प्रभाव अधिक था। इस भूकंप के बाद दोपहर 12 बजे तक 10-20 किलोमीटर की गहराई पर 17 छोटे और बड़े झटके दर्ज किए गए।"
ये भी पढ़ें-
गुजरात में AAP यूथ विंग का जनरल सेक्रेटरी श्रवण जोशी गिरफ्तार, रंगदारी मामले में पुलिस ने लिया एक्शन
संपादक की पसंद